झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भूमि परिवर्तन संगठन ,भूमि सम्बंधी ऐसे बदलाव लागू कर सकते हैं जिनसे महिलाओं को भी भूमि तक समान पहुँच प्राप्त हो सके चाहे वह पारमपरिक नियमों के माध्यम से हो या भूमि विकास योजनाओ के माध्यम से हो। यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को भूमि का स्वामित्व और अधिग्रहण करने का वैध अधिकार प्राप्त हो ,उन्हें अधिक वित्य अवसर और सुरक्षा प्रदान करेगा
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि विकास में महिलाओं के सामने आने वाली प्रमुख बधाओं में से एक भूमि के स्वामित्व और नियंत्र का अधिकार न होना है अपने मूलभूत दायित्व के बावजूद महिलाएं शायद ही कभी अपनी बनाए हुई जमीन की मालिक या नियंत्रक बन पाती हैं। रिपोर्टो के अनुसार भारत में समान्य भूमिधारकों में से तेरह प्रतिशत से भी भी कम महिलाएं हैं। स्वामित्व की यह कमी उनके निर्णय लेने, सरकारी भूखणंडों तक पहुच प्राप्त करने और राष्ट्रीय प्रथाओं में सुधार के लिए संसाधनों का आवंटन करने की क्षमता को सिमित करती है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से 20 वर्षीय अंजलि कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं ने अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए कई तरह के प्रयास किये हैं। महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह ,महिलाए संगठन और समितियां बनाकर अपने अधिकारों के लिए समुदाय रूप से आवाज़ उठाई।महिलाओं ने राजनीत में भाग लेकर नीतियों को प्रभाारित किया और महिलाओं के अधिकार के लिए कानून बनाए जाने में योगदान दिया
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से पूजा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिला अधिकार अधिनियम 1961 महिलाओं को आर्थिक और समाजिक सुरक्षा प्रदान करने हुतु लागू किया गया था। इसमें महिलाओं को 36 सप्ताह का वेतन सहित अवकाश,चिकित्षा चिकित्सा बोनस और नौकरी की सुरक्षा प्रदान करता है। इसका उपयोह कारखानों ,दुकानों में होता है
गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जीब दास साहू जैविक खेती के लिए नीमास्त्र के प्रयोग और लाभ की जानकारी दे रहे हैं ।
विष्णुगढ़ प्रखंड के अलपिटो पंचायत समिति सदस्य घनश्याम पाठक ने गरीब असहाय के बीच कंबल वितरण किया।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राज मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए वर्तमान समय में बहुत कोई आवाज उठा रहे हैं।लेकिन सबसे पहले मेटिल्डा जोसलिन गेज और लूसी स्टोन ने उन्नीसवीं सदी की महिला अधिकार आंदोलन की अग्रणी सिद्धांतकार थीं। एस्थर मॉरिस न्यायिक पद संभालने वाली पहली महिला थी,जिन्होंने 1869 में महिला मताधिकार के लिए पहला सफल राज्य अभियान चलाया था। सबसे पहले इन्होंने ही ।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारतीय महिलाओं की समस्याओं के दृष्टांतों में सामाजिक भेदभाव दहेज, कन्या भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न,आदि को शामिल कर सकते हैं।स्त्रियों के साथ विभिन्न संस्थाओं में हिंसा का व्यवहार किया जाता है और स्त्रियाँ जिनकी शिकार भी हो जाती हैं
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राज मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जोसेफिन डॉज के अनुसार महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने से उन पर बोझ बढ़ेगा और उनकी विशेष अधिकार प्राप्त स्थिति कमजोर होगी। इस प्रकार इन्होने महिलाओं के अधिकार के खिलाफ लड़ाई लड़ा था
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राज मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने वाले कई कानून हैं। जैसे - कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम निषेध और निवारण। इस 2013 अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को उनके कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाना और शिकायतों के निवारण के लिए एक तंत्र प्रदान करना है।
