झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से अंजलि कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से माटी संगठन के बारे में जानकारी दिया।उत्तराखंड के मुनस्यारी में स्थित एक महिला-केंद्रित संगठन है। जो शराब खोरी,घरेलू हिंसा और हादसा के खिलाफ महिलाओं को एकजुट करके शुरू हुआ था। लेकिन अब बलात्कार,उत्पीड़न जैसी समस्याओं से जूझ रही महिलाओं को सहायता प्रदान करता है तथा उनके अधिकारों के लिए लड़ता है। स्वचछता एवं शिक्षागत मुद्दों पर भी काम करता है। यह संगठन महिलाओं के लिए अपनी बात कहने,दुख-सुख साझा करने और सशक्तिकरण का एक मंच है, जो सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाता है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से संध्या कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि 1999 के दशक में उतराखंड के मुनस्यारी में शराब विरोधी आंदोलन के समय एक महिला-केंद्रित संगठन 'माटी संगठन'की स्थापना हुई।इस संगठन का उद्देश्य शराब के कारण होने वाली हिंसा और पतियों द्वारा पत्नियों को जलाना, इत्यादि के खिलाफ महिलाओं को संगठित करना और आवाज उठाना था।साथ ही शराब खोरी के विरोध में प्रदर्शन, घरेल हिंसा,उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को मदद और सहयोग करना तथा स्कूलों-कॉलेजों और अस्पतालों में बेहतर बुनियादी ढांचे एवं योग्य कर्मचारियों की मांग करना भी संगठन का उद्देश्य था।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से 20 वर्षीय सलोनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं से जुड़ी मुद्दे -घरेलू हिस्से और उत्पीड़न यह आज भी एक बड़ी समस्या है। जिससे महिलाएं पीड़ित होती है। समानता और अधिकार -समाज में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। स्वास्थ्य और शिक्षा -किशोरियों को शिक्षा और स्वस्थता पोषण और कई तरह के जरूरतें मिलना चाहिए ।आर्थिक शक्तिकरण - आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं के भागीदारी बढ़ाना और उनको अधिकार देना है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से 22 वर्षीय पूजा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को शिक्षा में समाहित करना और उन्हें सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में बेहतरीन अवसर प्रदान करना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। समाज में जागरूकता फैलाने और महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाना भी आवश्यक है। महिलाओं को न्याय और सुरक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना और समाज में उनकी भूमिका को समझाना चाहिए
झारखंड के प्रमुख पर्यटक स्थल कोनार डैम परिसर में रविवार को हजारीबाग जिला उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन एवं थाना प्रभारी सपन कुमार महथा साथ ही जिले भर के कई वरिष्ठ पत्रकार एक साथ वन भोज कार्यक्रम आयोजित किया गया इस कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से संवाद करते हुए उपायुक्त ने कहा कि यह क्षेत्र पर्यटक एवं सौंदर्य बनाने के लिए हर संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है एवं कई सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे देश में सत्तर से अस्सी प्रतिशत महिलाएं खेती और पशुपालन कर रही हैं।इनके बावजूद उन्हें भूमि का अधिकार नही मिल रहा है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कृषि जनगणना के अनुसार तिहत्तर पॉइंट दो प्रतिशत ग्रामीण महिलाएं कृषि गतिविधिया में संलगन हैं। परंतु केवल आठ प्रतिशत महिलाओं के पास ही भूमिका स्वामित्व है। 73 प्रतिशत ग्रामीण महिलाएं कृषि पर निर्भर हैं
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से रमेश यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कृषि के समावेशी विकास को प्राप्त करने के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है और इसके लिए उनकी भागीदारी ,लैंगिक पहलू, मतवक्त और स्वास्थ्य एवं पोषण समबंधी जानकारियों का होना जरूरी है। इन विषयों को लैंगिक दृष्टिकोण से उपयोगी तकनीक ,उसके पस्कृत रूप और प्रसार के तरीके से समझा जा सकता है। वर्तमान समय में बहुत सारे ऐसी महिलाएं हैं जो कृषि पर निर्भर है। वह खेती बाड़ी करके अपना जीवन जी रहे हैं। फिर भी इन लोगों को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जा रहा है बल्कि इन लोगों को सिर्फ खेत में काम करने के भाव से देखा जा रहा है। इन लोगों को सिर्फ मजदूर के रूप से देखा जा रहा है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारतवर्ष एक संपन्न परम्परा और सांस्कृतिक मूल्यों से समृद्ध देश है। जहां महिलाओं का समाज में प्रमुख स्थान रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी आबादी है। दुर्भाग्यवश विदेशी शासन काल में समाज में अनेक क्रूतियां व विकृतियां पैदा हुई। जिससे महिलाओं को उत्पीड़न हुआ। आजादी के बाद महिलाओं का समाज में सम्मान बढ़ा लेकिन उनके शक्तिकरण की गति दशकों तक धीमी रही। गरीबी और निरछरता महिलाओं की प्रगति में गंभीर बाधा रही। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित कर आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया जा सकता है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से रौशन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को मौलिक अधिकार में कई तरह के अधिकार दिए गए हैं। जैसे -महिलाओं के अधिकारों के धरना व से जुड़े मुद्दे में शारीरिक अखंडता और स्वायता का अधिकार ,यौन हिंसा से मुक्ति ,वोट देने का अधिकार सार्वजनिक पद धारण करने का अधिकार ,कानूनी अनुबंधों में प्रवेश करने का अधिकार ,पारिवारिक कानून में समान अधिकार ,काम करने का अधिकार ,उचित मजदूरी या समान,प्रजनन अधिकार ,संपत्ति का अधिकार आदि
