झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गरीबी और कुपोषण के चक्र में लड़कियाँ सबसे अधिक पीड़ित होती हैं।शिक्षा और प्रजनन अधिकारों की कमी से यह समस्या और भी बढ़ जाती है।साथ ही भारत में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में स्वच्छता,घर के बाहर घूमने की स्वतंत्रता,सामाजिक स्वतंत्रता आदि तक समान पहुँच प्राप्त नहीं है।
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से सुब्रत कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि पिछले वर्षो में महिलाओं के अधिकारों में सुधार हुआ है लेकिन निरंतरण प्रगति की कोई गारंटी नहीं है। बढ़ते संघर्षो ,बढ़ते अधिनियकवाद और जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभाव के इस दौर में महिलाओं को शिक्षा, रोजगार ,स्वास्थ्य सेवा ,कानूनी अधिकार, हिंसा और अन्य कई मुद्दों का सामना करना पड़ता है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से नंदू केशरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं के अधिकारों का एक प्रमुख दावा यह है कि उन्हें सशक्त और तर्क संगत शिक्षा मिलनी चाहिए जो उन्हें विवेक का प्रयोग करने और सार्वजनिक हित में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाए।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को कई अधिकार प्राप्त हैं जैसे - हिंसा और भेदभाव से मुक्त जीवन जीने का अधिकार, शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुँंच का अधिकार ,संपत्ति रखने का अधिकार ,मतदान का अधिकार और समान काम के लिए समान वेतन का अधिकार शामिल है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि लड़कियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और उनका प्रयोग करना चाहिए। उन्हें अपनी शिक्षा का सदुपयोग ,आत्मनिर्भरता और गरिमा बनाए रखने के लिए करना चाहिए। उन्हें अपने हक की मांग करने और उसके लिए लड़ने के लिए भी तैयार रहना चाहिए ताकि इनके अधिकार को दबाया नहीं जाए
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से गीता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज के जमाने में महिलाओं को सम्मान तभी मिलता है जब वो कम खाती,कम बोलती,कम हंसती और कम रोती है। जो महिला गाली सुनकर भी कुछ नही कहती है वो अच्छी है। मगर यदि महिला सम्पत्ति,अपने हक़,कानून और खुद को आगे बढ़ाने की बात बोलती है,उसे प्रताड़ित किया जाता है तथा दबाया जाता है।
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से आलम अंसारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मानवाधिकारों की 1948 की सार्वभौमिक घोषणा में कहा गया है कि सभी मनुष्य स्वतंत्र और समान अधिकारों के साथ पैदा होते हैं।इसलिए लिंग की परवाह किए बिना सभी लोगो को संतरता,गरिमा और समान अधिकारों का हक है।फिर भी हर दिन और पूरी दुनिया में महिलाओं और लड़कियों को भेदभाव और मानवाधिकारों के गंभीर उलंघन का सामना करना पड़ता है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से जितेंदर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के अधिकार मानवाधिकार हैं।महिलाएं भी इंसान हैं।उन्हें भी हिंसा से मुक्त जीवन,शिक्षा और बेहतर वेतन का अधिकार है
