झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने दो हजार पाच में हिंदू उत्तराधिकारी संशोधन अधिनियम दो हजार पांच में भारत में उत्तराधिकार कानूनों में पहली बार लैंगिक लैंगिक समानता को लागू किया। दो हजार पांच के संशोधन और उसके बाद के न्यायिक निर्णयों में यह स्पष्ट किया है कि विवाहित पुत्री को अपने पिता की संपत्ति पर उतना ही अधिकार है जितना की पुत्र की है।पिता की संपत्ति में जितना पुत्र का अधिकार होता है उतना ही अधिकार पुत्री का भी होता है
विष्णुगढ़ प्रखंड के भेलवारा पंचायत भवन परिसर में जन सहयोग केंद्र के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाई गई इस कार्यक्रम का शुभारंभ भेलवारा पंचायत के मुखिया लक्ष्मी कुमारी पूर्व जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश सिंह पटेल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों समानता और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना। कार्यक्रम में प्रखंड के बेडम खरना केसोडीह चित्रामो भुताही मुरगांवों समेत अन्य गांव के स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने भाग लिए तथा महिलाओं के अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि न्यूयॉर्क के सेनेका फॉल्स में आयोजित पहली महिला अधिकार कन्वेंशन में एलिजाबेथ कैंडी स्टैंटन और ल्यूक्रेशिया मोंट ने महिलाओं के लिए नागरिक, सामाजिक, कानूनी और राजनीतिक अधिकारों की मांग की थी।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से सदाम अंसारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि 1995 में विश्व नेताओं ने बीजिंग घोषणा और कार्य योजना के माध्यम से लैंगिक समानता के प्रति ऐतिहासिक प्रतिबद्धता जताई थी।।जो महिलाओं के अधिकारों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने वाली एक अभूतपूर्व योजना थी।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि आज की दुनिया में महिलाओं और लड़कियों के लिए समानता पहले से कहीं अधिक है।लेकिन प्रगति अभी भी बहुत धमी है।श्रमबल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व दशकों से अपरिवर्तित है।जलवायु परिवर्तन में महिलाओं और लड़कियों का योगदान सबसे कम है।फिर भी वे इसके सबसे बुरे परिणामों से पीड़ित हैं।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सदियों से महिलाएं अधिकारों और अवसरों के लिए संघर्ष कर रही हैं।मताधिकार आंदोलन से लेकर डिजिटल कार्यकर्ताओं तक हर पीढ़ी ने सीमाओं को आगे बढ़ाया है। बाधाओं को तोड़ा है और पीछे हटने से इनकार किया है। हर नीतिगत बदलाव और कानूनी जीत के पीछे निडर नारीवाादियों का हाथ रहा है। जिन्होंने संगठित होकर विरोध प्रदर्शन कर के एवं कार्यवाई की मांग कर के अपनी बात रखी है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से असलम अंसारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में सामने आया कि दुनिया में 50 प्रतिशत महिलाओं को अपने ही शरीर पर अधिकार नही है।महिलाएं इसे लम्बे समय से महसूस करती रही है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में पहली बार आया है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि के कई कारण हैं। जैसे -पुलिस की देरी और अपराधियों को पकड़ने में असमर्थता।यौन अपराधों के खिलाफ कानूनों को लागु करने में पुलिस का रवैया संतोषजनक नही है।पुलिस कर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पुरुष महिलाओं के अधिकार के खिलाफ होते हैं। क्योंकि पुरुषों के अनुसार, मताधिकार मिलने से पुरुष महिलाओं का भरण-पोषण करने में असमर्थ हो जायेंगे। तलाक की दर में भारी वृद्धि होगी और महिलाओं को श्रम बाजार में प्रवेश करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।राजनीतिक जिम्मेदारियाँ पहले से ही व्यस्त महिलाओं पर आरोप बोझ बढ़ा देंगी। नई महिला की छवि पत्नियों और मताओं के रूप में उन्हें प्राप्त सम्मान और प्रतिष्ठा को नष्ट कर देगी।
