झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे देश में सत्तर से अस्सी प्रतिशत महिलाएं खेती और पशुपालन कर रही हैं।इनके बावजूद उन्हें भूमि का अधिकार नही मिल रहा है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कृषि जनगणना के अनुसार तिहत्तर पॉइंट दो प्रतिशत ग्रामीण महिलाएं कृषि गतिविधिया में संलगन हैं। परंतु केवल आठ प्रतिशत महिलाओं के पास ही भूमिका स्वामित्व है। 73 प्रतिशत ग्रामीण महिलाएं कृषि पर निर्भर हैं

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से रमेश यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कृषि के समावेशी विकास को प्राप्त करने के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है और इसके लिए उनकी भागीदारी ,लैंगिक पहलू, मतवक्त और स्वास्थ्य एवं पोषण समबंधी जानकारियों का होना जरूरी है। इन विषयों को लैंगिक दृष्टिकोण से उपयोगी तकनीक ,उसके पस्कृत रूप और प्रसार के तरीके से समझा जा सकता है। वर्तमान समय में बहुत सारे ऐसी महिलाएं हैं जो कृषि पर निर्भर है। वह खेती बाड़ी करके अपना जीवन जी रहे हैं। फिर भी इन लोगों को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जा रहा है बल्कि इन लोगों को सिर्फ खेत में काम करने के भाव से देखा जा रहा है। इन लोगों को सिर्फ मजदूर के रूप से देखा जा रहा है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारतवर्ष एक संपन्न परम्परा और सांस्कृतिक मूल्यों से समृद्ध देश है। जहां महिलाओं का समाज में प्रमुख स्थान रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी आबादी है। दुर्भाग्यवश विदेशी शासन काल में समाज में अनेक क्रूतियां व विकृतियां पैदा हुई। जिससे महिलाओं को उत्पीड़न हुआ। आजादी के बाद महिलाओं का समाज में सम्मान बढ़ा लेकिन उनके शक्तिकरण की गति दशकों तक धीमी रही। गरीबी और निरछरता महिलाओं की प्रगति में गंभीर बाधा रही। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल के माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित कर आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया जा सकता है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से रौशन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को मौलिक अधिकार में कई तरह के अधिकार दिए गए हैं। जैसे -महिलाओं के अधिकारों के धरना व से जुड़े मुद्दे में शारीरिक अखंडता और स्वायता का अधिकार ,यौन हिंसा से मुक्ति ,वोट देने का अधिकार सार्वजनिक पद धारण करने का अधिकार ,कानूनी अनुबंधों में प्रवेश करने का अधिकार ,पारिवारिक कानून में समान अधिकार ,काम करने का अधिकार ,उचित मजदूरी या समान,प्रजनन अधिकार ,संपत्ति का अधिकार आदि

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से किराएदार और मकान मालिक के विवाद सम्बंधित जानकारियां दी। किराएदार और मकान मालिक के विवाद में किराए बेदखली और रख रखाव को लेकर विवाद आम है। हाल के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों ने स्पष्ट किया है कि किरायदार मकान मालिक को यह नही बता सकता कि उसे अपनी सम्पत्ति का उपयोग कैसे करना चाहिए

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राज मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में जमीन और सम्पत्ति से जुड़ी कई समस्याएं हैं।पहला, निजी या सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण करना।दूसरा,प्रतिकूल कब्ज़ा। इसके अंतर्गत यदि कोई बारह साल तक किसी निजी जमीन पर शांतिपूर्ण कब्ज़ा रखता है तो वह क़ानूनी अधिकार का दावा कर सकता है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से प्रदीप रविदास ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि विरासत और पैतृक संपत्ति विवाद में उत्तराधिकारी को लेकर परिवार के सदस्यों,विशेषकर भाइयों के बीच विवाद सबसे आम है।हालांकि 2005 के बाद से बेटियों का पैतृक सम्पत्ति में समान अधिकार है। फिर भी क्रियान्वयन और वसीयत की कमी के कारण लम्बे क़ानूनी संघर्ष होते हैं

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से संतोष कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में 2026 तक जमीन से जुड़ी कई समस्याएं सामने आ रही है। जैसे - भारत में भूमि स्वामित्व दस्तावेजों पर आधारित है।इससे पुरानी सेल डीड या म्यूटेशन इंटर को कभी भी अदालत में चुनौती दी जा सकती है। जिससे खरीददारों के लिए जोखिम बना रहता है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से सलोनी कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला सम्पत्ति अधिकार पर अपने विचार साझा किया। सलोनी कुमारी ने बताया कि महिलाओं को सम्पत्ति से दूर रखने के कई कारण हैं।जैसे पितृसत्तात्मक सोच,रूढ़िवादी परम्पराएं,क़ानूनी प्रक्रियाएं,इत्यादि