जोहर श्रोताओ आने वाले सप्ताह में " जनता की रिपोर्ट चर्चा मंच पर हम बात करेंगे झारखण्ड में ग्राम कचहरी एवं सरपंच की कमी के बारे में, आम ग्रामीणों को सुलभ एवं सस्ता न्याय प्रदान करने हेतु झारखण्ड पंचायत राज अधिनियम, 2001 के तहत ग्राम कचहरी की स्थापना का प्रावधान किया गया था, परंतु आज तक इसपर अमल नही हो पाया, श्रोताओ ,आप के अनुसार हर पंचायतो में ग्राम कचहरी और सरपंच की कमी के कारण ग्रामीण लोगो को दैनिक जीवन में किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? सरपंच का चुनाव और ग्राम कचहरी का घटना आज तक झारखण्ड में ना होने केपीछे क्या कारण है ? आपके अनुसार झारखण्ड में ग्राम कचहरी और सरपंच का होना कितना जरुरी है? और इसके ना होने से क्या ग्रामीण लोगो को थानो से न्याय मिल पा रहा है?

धरणी जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि आकाश में जब पंछी उड़ते हुए नज़र आते है तो उन्हें देख कर शिकारी पिस्तौल ,बाटुल या फिर रबर की सहायता से निशाना बनाकर उनका शिकार करते है और उन्हें अपना भोजन बनाते है जिस कारण रंग-बिरंगे पंछी लुप्त होते जा रहे है। इन पंछियों को यदि भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में आने वाले पीढ़ी इन पंछियों को देख कर मज़ा नहीं ले पाएंगे ,इसपर हमें ध्यान देना होगा साथ ही 'पेड़ लगाओ ,पेड़ लगाओ ,जीव-जंतु को मरने से बचाओ' का नारा अपनाना होगा जिस से पशु पक्षी पेड़ पौधों पर छुप सकेंगे।इसलिए हमें वृक्षारोपण जरूर करना चाहिए।

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