धरणी जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि आकाश में जब पंछी उड़ते हुए नज़र आते है तो उन्हें देख कर शिकारी पिस्तौल ,बाटुल या फिर रबर की सहायता से निशाना बनाकर उनका शिकार करते है और उन्हें अपना भोजन बनाते है जिस कारण रंग-बिरंगे पंछी लुप्त होते जा रहे है। इन पंछियों को यदि भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में आने वाले पीढ़ी इन पंछियों को देख कर मज़ा नहीं ले पाएंगे ,इसपर हमें ध्यान देना होगा साथ ही 'पेड़ लगाओ ,पेड़ लगाओ ,जीव-जंतु को मरने से बचाओ' का नारा अपनाना होगा जिस से पशु पक्षी पेड़ पौधों पर छुप सकेंगे।इसलिए हमें वृक्षारोपण जरूर करना चाहिए।