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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करने वाली माताओं को वित्तीय सहायता पांच हजार की राशि चरणबद्ध तरीके से देना।इसका आवेदन आंगनबाड़ी केंद्र, हेलथ सेंटर या ऑनलाइन वेबसाइट उमंग ऐप के माध्यम से कर सकते हैं। यह योजना तीन करोड़ ऐसी ज्यादा महिलाओं तक पहुँच चुकी है। मासिक धर्म स्वच्छता इसमें लाखों महिलाओं के पास सैनिटरी उत्पादों, स्वच्छ स्थानों और शिक्षा की कमी है। जिससे मासिक धर्म गरीबी जैसी समस्याएं होती है।पारंपरिक सोच,घर के कामों का बोझ और आर्थिक तंगी लड़कियों की शिक्षा में बाधा डालती है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि बिहार में कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित माई बहन मान योजना और केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं का जिक्र है जो महिला को आर्थिक सहायता देती है। इसके अलावा मासिक धर्म स्वच्छता और शिक्षा से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण है। जैसे - माई बहन मान योजना में पचीस सौ प्रति माह मिलते हैं और प्रधानमन्त्री मातृ वंदना योजना में 5000 रुपया मिलते हैं।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं सव अर्जित संपत्ति में एक विवाहित महिला अपनी सव औरर्जीत पैतृक या उपहार में मिली संपत्ति की एकमात्र मालिक और प्रबंधक होती हैं। उनका उस पर पूरा अधिकार होता है। दूसरा संयुक्त परिवार संपत्ति - ऐसी संपत्ति में पति की मृत्यु के बाद विधवा को बच्चों और पति की माँ के साथ संयुक्त परिवार संपत्ति में बराबर हिस्से का अधिकार होता है। भरण -पोषण -महिला पति से भरण -पोषण ,सहायता और आश्रय पाने का हक़दार है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं महिलाओं के संपत्ति और भूमि अधिकारों में कानूनी समानता की दिशा में प्रगति हुई है। खासकर पैतृक संपत्ति में बेटियों के सहदायिक अधिकार और पति की मृत्यु के बाद संयुक्त संपत्ति में हिस्सेदारी के साथ जिससे उन्हें आर्थिक संतरता और सशक्तिकरण मिलता है। हालांकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि स्वामित्व में अंतर है और जागरूकता व नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि सभी महिलाएं विशेषकर किसान इन अधिकारों का पूरी तरह लाभ उठा सके क्योंकि भूमि स्वामित्य आय निर्णय लेने और समाजिक सुरक्षा में वृद्धि होती है
विष्णुगढ़ प्रखंड मुख्यालय सभागार में सरस्वती पूजा शांति माहौल वातावरण में मनाने को लेकर एक बैठक किया गया बैठक किया अध्यक्षता अंचल अधिकारी नित्यानंद दास ने किया है एवं संचालन थाना प्रभारी सपन कुमार महथा ने किया।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से अंजलि कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से माटी संगठन के बारे में जानकारी दिया।उत्तराखंड के मुनस्यारी में स्थित एक महिला-केंद्रित संगठन है। जो शराब खोरी,घरेलू हिंसा और हादसा के खिलाफ महिलाओं को एकजुट करके शुरू हुआ था। लेकिन अब बलात्कार,उत्पीड़न जैसी समस्याओं से जूझ रही महिलाओं को सहायता प्रदान करता है तथा उनके अधिकारों के लिए लड़ता है। स्वचछता एवं शिक्षागत मुद्दों पर भी काम करता है। यह संगठन महिलाओं के लिए अपनी बात कहने,दुख-सुख साझा करने और सशक्तिकरण का एक मंच है, जो सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाता है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से संध्या कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि 1999 के दशक में उतराखंड के मुनस्यारी में शराब विरोधी आंदोलन के समय एक महिला-केंद्रित संगठन 'माटी संगठन'की स्थापना हुई।इस संगठन का उद्देश्य शराब के कारण होने वाली हिंसा और पतियों द्वारा पत्नियों को जलाना, इत्यादि के खिलाफ महिलाओं को संगठित करना और आवाज उठाना था।साथ ही शराब खोरी के विरोध में प्रदर्शन, घरेल हिंसा,उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को मदद और सहयोग करना तथा स्कूलों-कॉलेजों और अस्पतालों में बेहतर बुनियादी ढांचे एवं योग्य कर्मचारियों की मांग करना भी संगठन का उद्देश्य था।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से 20 वर्षीय सलोनी कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं से जुड़ी मुद्दे -घरेलू हिस्से और उत्पीड़न यह आज भी एक बड़ी समस्या है। जिससे महिलाएं पीड़ित होती है। समानता और अधिकार -समाज में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। स्वास्थ्य और शिक्षा -किशोरियों को शिक्षा और स्वस्थता पोषण और कई तरह के जरूरतें मिलना चाहिए ।आर्थिक शक्तिकरण - आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं के भागीदारी बढ़ाना और उनको अधिकार देना है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से 22 वर्षीय पूजा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को शिक्षा में समाहित करना और उन्हें सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में बेहतरीन अवसर प्रदान करना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। समाज में जागरूकता फैलाने और महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाना भी आवश्यक है। महिलाओं को न्याय और सुरक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना और समाज में उनकी भूमिका को समझाना चाहिए
