Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

प्रखंड खजौली,जिला मधुबनी से रामाशीष सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड अन्तर्गत कन्हौली पंचायत में सैकड़ो ऐसे महादलित एवं दलित अल्पसंख्यक भूमिहीन परिवार हैं,जो कमला तटबंध,कोशी नहर के किनारे झोपड़ी बनाकर अपना नारकीय जीवन बिताने को मजबूर हैं। वे कहते हैं कि महादलित एवं दलित अल्पसंख्यक भूमिहीन परिवारों को इस स्थिति से बाहर लाने के लिए उनका पुनर्वास जरुरी है,लेकिन उनकी इस स्थिति को कोई देखने वाला नहीं है। अतः अंचल धिकारी खजौली एवं समाहर्ता मधुबनी को इस ओर अविलम्ब ध्यान देने की आवश्यकता है।

जिला मधुबनी से रामाशीष सिंह मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की जिला मधुबनी के खजौली प्रखंड अन्तर्गत कंहौली पंचायत अन्तर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय पुरकाहा में 1 से 5 तक की पढाई होती है। विद्यालय में छह कमरे है पर भवन के आभाव में विद्यालय के 2 कमरो में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होता है जिस कारण पठन-पाठन में दिक्कत हो रही है। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना एवं मनरेगा योजना अन्तर्गत आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जा सकता है जिससे विद्यालय का दो कमरा आंगनबाड़ी केंद्र से मुक्त हो सके। प्रखंड विकास पदाधिकारी खजौली व स्थानीय मुखिया को इस ओर अविलम्ब ध्यान देने की जरुरत है।

प्रखंड खजौली,जिला मधुबनी से रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि सम्पूर्ण बिहार में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत योग्य परिवारों के राशन कार्ड से वंचित होने की शिकायत मिल रही है। इस पर बिहार सरकार को चाहिए कि 2011 के सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना में जिन परिवारों का नाम है और अगर वे परिवार राशन कार्ड से वंचित हैं ,तो ऐसे वंचित परिवारों की सूची प्रत्येक ग्राम पंचायत की ग्राम सभा से पारित करवाकर उन्हें राशन कार्ड निर्गत करने की व्यवस्था करे। हालांकि यह कहा गया था कि सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना में जिन परिवारों का नाम है और उन्हें अभी तक राशन कार्ड नही मिला है ,तो 10 अगस्त 2016 तक ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर भेजा जाये। लेकिन इस आशय का पत्र सम्बंधित पंचायतों को नही भेजा गया है ,जो एक विचारणीय तथ्य है।

जिला मधुबनी से रामाशीष सिंह जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड में खजौली बाजर एवम देहाती क्षेत्रो में आधा दर्जन से अधिक लकड़ी किरान की मशीन बिना लाइसेंस के चल रहे हैं जिसके कारण सरकार को सालाना कई हजार रूपये का चुना लगाया जा रहा है,लेकिन जिला वन पदाधिकारी के कानो तक जु भी नहीं रेंग रही है। जिला वन अधिकारी को बिलंब इस और ध्यान देकर उचित करवाई का आदेश देना चाहिए।

खजौली से अशोक कुमार सिंह जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि स्कूलों में शिक्षक है लेकिन वे बच्चो को पढ़ाते नही है, इससे शिक्षा में पूरी तरह से गिरावट आ गई है, सिर्फ बच्चे स्कूल आते और जाते है,बच्चो को पढ़ाते भी है तो इधर-उधर कर अपना समय पूरा कर लेते है, हमारी शिक्षा का यही हाल हो गया है, लेकिन मैं चाहता हूँ कि शिक्षा में सुधार आये।

Transcript Unavailable.

रामानंद सिंह,मधुबनी खजौली से मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि विभागीय उदासीनता और समुचित प्रबंधन के अभाव में मधुबनी जिले के प्रायः सभी प्रखंडों की ग्रामीण उपचार व्यवस्था इन दिनों चरमरा गयी है,कुछ स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों को छोड़ कर बाकि सभी जगह ग्रामीण क्षेत्र के लोग झोलाछाप पर निर्भर हो रहे है.चिकित्सा व्यवस्था में सुधार होता तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को ईलाज के लिए बाहर नहीं जाना होता परंतु सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।