पूरे सरकारी अमले के साथ भी पैदल चलकर नीतीश कुमार दिखा दें। बिहार में नीतीश कुमार जो यात्रा करते हैं वो पेपर पर उनकी 14वीं यात्रा है। उक्त बातें प्रशांत किशोर ने जन सुराज यात्रा के 95वें दिन हरपुर बंगरी में कही। कहा कि प्रशासनिक काम को वह यात्रा का नाम दे रहे हैं। उन्होंने स्थानीय मीडिया से संवाद के दौरान पदयात्रा का अबतक का अनुभव साझा किया। कहा कि सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी और भयावह पलायन है। वे पदयात्रा के माध्यम से अबतक 11 सौ किमी से अधिक पैदल चुके हैं। कहा कि नेपाल में बिहार से यूरिया की सप्लाई होती है। और यहां किसान जुझ रहे हैं। नेपाल में यूरिया से शराब बनाने की बात कही। कहा कि आज किसानों की सबसे बड़ी समस्या खाद-बीज की अनुपलब्धता और कालाबाजारी है। प किसानों ने गेहूं की बुवाई शुरू कर दी है। अब समय से खाद नहीं मिल पाने के कारण उनकी फसलें खराब होने के संकट से गुजर रही है। इसके साथ ही यूरिया की कालाबाजारी इस हद तक है कि सुबह 4 बजे से महिलाओं को लाइन में लगना पड़ता है उसके बावजूद उन्हें यूरिया नहीं उपलब्ध हो पाता। कहा कि बिहार के बैंकों में जमा लोगों की राशि से दूसरे राज्यों में भेज कर औद्योगिकरण में लगाया जाता है। वहीं केंद्र ने मनरेगा के लिए जो राशि आवंटित कर रही है उसे भी राज्य सरकार खर्च नहीं कर पा रही है।
