मोतिहारी। इस कड़ाके की ठंड में ब्रेन हेमरेज की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले माह नवम्बर में सदर अस्पताल के आईसीयू में पांच मरीज ब्रेन हेमरेज के भर्ती हुए थे जिसमें दो की मौत हो गयी। जबकि तीन रेफर किये गये। वहीं,दिसम्बर माह में तीन की मौत हो गयी, जबकि तीन रेफर किये गये हैं। बताया जाता है कि जैसे जैसे ठंड बढ़ रही है वैसे वैसे ठंड जनित बीमारी भी बढ़ रही है। साथ ही ब्लड प्रेशर व मधुमेह की बीमारी वाले के लिए खतरा बढ़ गया है। बताते हैं कि मधुमेह व ब्लड प्रेशर की बीमारी रहते हुए भी लोगों में लापरवाही अधिक है। न तो खान पान पर नियंत्रण है और न ठंड से बचाव के प्रति ध्यान है। जानकर बताते हैं कि कुछ ऐसे भी है जो ठंड से बचाव के लिए चोरी छिप्दारू भी पी लेते हैं। जो इस ठंड में और जान लेवा है। डॉक्टरों का मानना है कि ठंड से बचाव व खान पान में परहेज से ब्रेन स्टॉक से बचा जा सकता है। वरीय चिकित्सक डॉ टी पी सिंह बताते हैं कि ब्रेन हेमरेज का चांस सबसे अधिक मधुमेह, ब्लड प्रेशर व हार्ट के मरीज के हैै। क्योंकि ठंड में नस सिकुड़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, मधुमेह में ब्लड सुगर भी बढ़ जता है। ऐसे में हार्ट अटैक से लेकर ब्रेन हेमरेज का चांस इन बीमारी वाले को अधिक है।