जमुई जिले से दिलीप कुमार पांडेय जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महागठबंधन की सरकार में भले ही जमुई कोटे से एक मंत्री बनाया गया था लेकिन विकास को रफ्तार नहीं मिल पा रही थी। रोज की किचकिच से अधिकारियों के बीच भी संशय की स्थिति बनी हुई थी। जमुई सांसद चिराग पासवान एनडीए से आते थे। बिहार में सरकार महागठबंधन का था। इन सब कारणों से केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए जमुई में भूमि अधिग्रहण का मामला लटका हुआ था। बरनार जलाशय जैसी महत्वपूर्ण योजना भी केन्द्र और बिहार की राजनीति में फंस गई थी। एनडीए सरकार का गठन होते ही नीतीश कुमार से फोन पर जमुई सांसद को मिलने का न्योता मिल गया। जमुई सांसद सीएम हाउस में मिलकर बिहार में विकास करने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। डेढ़ घंटे की बातचीत में एनडीए को मजबूत करने के अलावा अन्य कई केन्द्रीय योजनाओं पर चर्चा की। सांसद ने केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना और बरनार जलाशय योजना से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि विकास के हर काम को रफ्तार दिया जाएगा। सांसद ने बताया कि सरकार गठन के बाद सीएम काफी सहज महसूस कर रहे थे।
