उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से उमा श्रीवास्तव से साक्षात्कार लिया। उमा श्रीवास्तव ने बताया कि महिलाओं को शिक्षित होकर अपना हक़ मांगना चाहिए। महिला शिक्षित नहीं होंगी तो जीवन कैसे चलेगा ? महिलाओं को यदि जमीन मिल जाएगा तो उसमें साग - सब्जी उपजा कर अपना खर्चा चला सकती हैं। उनका कमाई का और जरिया नही होता है
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो मोबाइल वाणी के माध्यम से मोनू से बातचीत की। बातचीत में मोनू ने बताया कि महिलाओं को खेती में जोड़ने के लिए शिक्षित होना चाहिए इससे बेहतर तरीके से खेती करने की जानकारी मिलेगी। किस बीज का इस्तेमाल करना है कैसे खेती करना है हर तरह की जानकारी मिलेगी। जिससे वे गेहूं ,धान और सब्जियां उगा सकती हैं और अच्छा मुनाफा कमा सकती हैं। इससे वे अपना परिवार चला सकती हैं साथ ही बच्चों को शिक्षित भी कर सकती हैं। मोनू का कहना है महिलाएं यदि शिक्षित रहेंगी तो समाज में उनका सम्मान बढ़ेगा लोगों के साथ उठ बैठ सकती हैं उन्हें पता रहेगा कैसे क्या करना है। महिलाओं के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है शिक्षित रहेंगी तो वे कहीं भी आ जा सकती हैं किसी से पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो मोबाइल वाणी के माध्यम से आनोखी से बातचीत की। बातचीत में आनोखी ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए काम करना चाहिए खेत है तो सब्जी लगा सकती हैं सरकार उन्हें मुआवजा भी देती हैं। उनका कहना है कि पहले माता पिता बच्चों को शिक्षा नहीं दे पाती थी अब ऐसा नहीं है यदि प्राइवेट स्कूल नहीं है तो सरकारी स्कूलों में पढ़ा सकते हैं सरकारी स्कूलों में भी अच्छी पढ़ाई लिखाई होती है । जवान बेटियों को पढ़ने के लिए बाहर नहीं भेज सकते क्योंकि जमाना अभी बहुत खराब है। आनोखी का कहना है अभी गांव की महिलाएं बहुत पिछड़ी हुई हैं क्योंकि शिक्षा नहीं मिल पाता है। उनका कहना है वे अपनी बेटियों को पढ़ाना चाहती हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो मोबाइल वाणी के माध्यम से राधिका रावत से बातचीत की। बातचीत में राधिका रावत ने बताया कि शिक्षा की कमी और जागरूकता की कमी के कारण महिलायें अपने अधिकारों से वंचित हैं। उनका कहना है कि महिला यदि अधिकारों से वंचित हैं तो इसके लिए उन्हें शिक्षित और जागरूक होना चाहिए। यदि वे जागरूक हैं तो उन्हें अधिकार मिलना आसान होता है क्योंकि मांगेंगे नहीं तो हमे मिलेगा नहीं । जहां तक क़ानूनी दावपेंच की बात है ये उनका करवाई है ये थोड़ा कठिन है खास कर उन औरतों के लिए जो पढ़ी लिखी नहीं हैं क्योंकि सालो लग जाते हैं कोट के चक्कर काटते काटते।इसलिए भी औरतें इन दिक्क्तों में फसना नहीं चाहते और कुछ औरतें आत्मनिर्भर भी हैं और अपने परिवार के साथ खुश हैं तो उन्हें इसकी जरूरत नहीं पड़ रही है उन्हें अपने अधिकारों के प्रति एहसास ही नहीं है.
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रोता से बातचीत की। बातचीत में श्रोता का कहना है कि महिलाओं के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। उनका कहना है भूमि का अधिकार ना मिलने का एक कारण शिक्षा भी है क्योंकि अशिक्षित रहने पर जो भी भी बता दिया जाता है महिलाओं को वे मान लेती हैं इसलिए महिलाओं को शिक्षा बहुत जरूरी है साथ ही भूमि अधिकार प्राप्त करना भी बहुत जरूरी है
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शिव बहादुर सिंह से बातचीत की।शिव बहादुर सिंह का कहना है कि पिता की संपत्ति में जिस तरह से बेटों को अधिकार मिलता है बेटियों का भी अधिकार होना जरूरी है लेकिन इसमें समस्या भी हो सकती है।क्योंकि जमीनी हक देने से तनाव उत्पन्न होता है। यदि लड़की के पास रहने खाने का साधन नहीं होता और कुछ जमीन मिल जाता है तो उनका जीवन बीत जाता है लेकिन जिनके पास जमीन भी नहीं और पैसा भी नहीं है तो उनको बहुत परेशानी होती है और इज्जत भी नहीं होती है। उनका कहना है महिलाओं के लिए शिक्षा जरूरी है। यदि महिलाओं को खेत मिल जाता है तो कुछ उपजा सकती हैं जो खेती नहीं करने सकती दूसरों से करवाती हैं और अपना गुजारा चलाती हैं। परिवार में यदि महिला बालिग है तो महत्वपूर्ण कार्यों पर उनकी सलाह लेनी चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सावित्री से बातचीत की। सावित्री ने बताया यदि महिलाओं के पास भूमि रहता है तो उसमे फसल उपज कर के अपना घर चला सकती हैं। उनका कहना है यदि पति है तो संपत्ति पति के नाम पर और यदि पति नहीं है तो बच्चों को बराबर बांटा जाता है तो उनके नाम पर भी होना चाहिए। पिता की संपत्ति पर बेटियों का भी अधिकार होता है। बेटियों को संपत्ति पर अधिकार मिलने से भाई बहन के रिश्ते में दरार आ सकती है
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मालती देवी से साक्षात्कार लिया। मालती देवी ने बताया कि महिलाओं को जमीन में हिस्सा मिलना चाहिए। ज्यादातर महिलाएं अशिक्षित होती हैं। ऐसे में घर वालों को जमीन सम्बंधित क़ानूनी प्रक्रिया में महिलाओं को बताना और समझाना चाहिए। मालती अपने पिता की सम्पत्ति में हिस्सा नही लेना चाहती हैं। वो अपने पति की सम्पत्ति में हिस्सा लेंगी
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से दीदी से साक्षात्कार लिया। दीदी ने बताया कि पुरुषों के समान महिलाओं को भी जमीन एवं खेत में हिस्सा मिलना चाहिए। जमीन में अधिकार मिलने से महिला का परिवार में ओहदा बढ़ जाता है। बेटियों को पिता की सम्पत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए। दीदी अपने भाई के सम्पत्ति में हिस्सा नही लेना चाहती हैं वो अपने पति या ससुराल की सम्पत्ति में हिस्सा लेना चाहती हैं। पैतृक सम्पत्ति में हिस्सा लेने से भाई के साथ सम्बन्ध खराब हो सकता है। जमीन में हिस्सा मिलने से ये दुकान खोल सकती हैं,कढ़ाई , सिलाई , बुनाई,इत्यादि कार्य कर के पैसा कमा सकती हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अंकिता सिंह से साक्षात्कार लिया। अंकिता सिंह ने बताया कि महिलाओं को घर और जमीन दोनों में बराबर अधिकार होना चाहिए। पुरुषों को महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहिए। जमीन का अधिकार मिलने से महिलाओं की स्थिति परिवार में अच्छी होगी। कठिन क़ानूनी प्रक्रिया और अशिक्षा के कारण भी महिलाएं अधिकार से वंचित रह जाती हैं। सरकार महिलाओं के लिए बहुत कार्य कर रही है।
