उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सायना से साक्षात्कार लिया। सायना ने बताया कि महिला को जमीन का अधिकार मिल जाएगा तो वो खेती कर के पैसा कमा सकती हैं। शिक्षित महिला अपने जीवन को सुनहरा बना सकती हैं। सायना के भाई इनको जमीन में हिस्सा नही देंगे तो के कानून के माध्यम से अपना हिस्सा लेंगी
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से इमरान से बातचीत की। इमरान का कहना है कि महिलाओं को जमीन का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। महिलाएं भूमि में खेती करती हैं धान बोती हैं गेहूं भी उगाती हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रिहाना बातचीत की।रिहाना का कहना है कि महिलाओं को जमीन का अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए जिससे उन्हें भूमि का अधिकार मिले और वे चावल गेहूं ऊगा सके
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सुल्ताना बातचीत की। सुल्ताना का कहना है कि महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए।उनका कहना है उनके पिता हैं और वे उन्हें भूमि का अधिकार देते हैं तो वे नहीं लेंगे। उनका कहना है भूमि अधिकार मिलने पर वे चावल उगा सकते हैं गेहूं भी ऊगा सकती हैं। गांव में महिलाएं पिछड़ी हुई हैं क्यूंकि वे शिक्षित नहीं हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से फरहान बातचीत की। फरहान का कहना है कि महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए उन्हें भूमि अधिकार मिलने से वे फसल वगैरह ऊगा सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को जागरूक होना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सुबी से बातचीत की। बातचीत में सुबी ने बताया कि महिलाओं को भूमि अधिकार नहीं मिलना चाहिए क्योंकि पुरूषों के कमाई से घर चलता है।
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शबनम से बातचीत की। शबनम का कहना है कि महिलाओं को खेती में अधिकार मिलना चाहिए। इससे वे बहुत कुछ कर सकती हैं धान उगा सकती हैं सरसो भी उगा सकती हैं।उनका कहना है कि महिलाओं को जागरूक होना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से अभिशेख सिंह से बातचीत की। अभिशेख सिंह का कहना है अगर महिलाओं को अपनी भूमि का अधिकार मिल जाए, तो वे आने वाले कल को इस तरह से अच्छा बना सकती हैं कि वे उस भूमि से खुशहाल जीवन जी सकती हैं और उस भूमि से कुछ काम कर सकती हैं। भूमि पर खेती करके अगर वह खुद इसे करने में सक्षम नहीं है तो दूसरों से खेती करवा सकती हैं और अपनी आजीविका चला सकती हैं। महिलाओं को भूमि का अधिकार नहीं मिल रहा इसका एक कारण निरक्षरता और जागरूकता की कमी भी है। जिसके कारण उन्हें भूमि अधिकारों की जानकारी नहीं है, तो वे किसी को कैसे बताएँगे कि इस भूमि पर मेरा भी अधिकार है? यानी कुछ ऐसी महिलाएं हैं जो जमीन के अधिकार नहीं ले पाती हैं और उनसे वंचित रहती हैं, सरकारी प्रक्रिया भी बहुत जटिल है इस वजह से महिलाओं को जमीन नहीं मिल पा रही है, अगर उनके पास जागरूकता और शिक्षा दोनों उपलब्ध हैं, तो यह उनके लिए जटिल नहीं है। यदि उन्हें शिक्षित किया जाएगा, फिर कोई भी कानूनी प्रक्रिया है, वह इसे पढ़कर अपना अधिकार ले सकती है, अगर वह चाहे तो उसके लिए मुश्किल नहीं है।
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से रिमी से बातचीत की। रिमी का कहना है कि महिलाओं को जमीनी अधिकार दिला दिया जाए तो वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं। यदि महिलाएं शिक्षित होंगी तो वे अपने हक़ के लिए लड़ सकती हैं कोई काम कर सकती हैं अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं। अगर महिलाओं को पुरुषों की तरह आजादी दी जाए तो वे भी आगे बढ़ सकती हैं कुछ भी कर सकती हैं
उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से संगीता से साक्षात्कार लिया। संगीता ने बताया कि महिलाएं शिक्षा और जानकारी के अभाव में अपना अधिकार नही ले पाती हैं। कठिन क़ानूनी प्रक्रिया और कोर्ट - कचहरी के चक्कर लगाने के डर से भी महिलाएं जमीन में हक़ लेना नही चाहती हैं
