पेड़ पौधे हमारे जीवन के लिए बहुमूल्य रत्न हैं। पेड़ दवाई की तरह है, उनमें से एक यह है कि हमारा जीवन पेड़ पर निर्भर करता है, पेड़ हमें ऑक्सीजन देता है, पर्यावरण साफ है। पर्यावरण को साफ रखें, इसे साफ करें और कहीं न कहीं पेड़ भी हमारे लिए उपयोगी हैं क्योंकि वे हमें ऑक्सीजन देते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड कार्बन डाइऑक्साइड को ही अवशोषित करता है। यह इनाम के लिए भी फायदेमंद है। हम एक-दूसरे के पूरक हैं, लेकिन दिन-प्रतिदिन हमारी संख्या बढ़ रही है और पेड़ों की संख्या कम हो रही है, यही कारण है। वह प्रकृति शुष्क हो गई है। समय पर बारिश नहीं हो रही है। गर्मी बहुत तेजी से गिर रही है। वर्षा के अभाव में कई प्रकार की बीमारियाँ होती हैं। बीमारियाँ फैल रही हैं, हर तरह का नुकसान हो रहा है, जो हमारे लिए विशेष रूप से हानिकारक है। जीवन जीने के लिए अच्छे तरीके से स्वस्थ रहना है, इसलिए इस समय जितना हो सके उतने पेड़ लगाएं और जो भी पेड़ आपके पास हों।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा किसान भाइयों को नींबू की फसल में सिंचाई प्रबंधन की जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

उत्तर प्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के.सी. चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की महिलाओं की स्तिथि में सुधार हो रहा है।समाज में देखा जाए तो शिक्षा का प्रभाव महिलाओं और लड़कियों पर भी पड़ रहा है। सरकार इसके लिए कदम उठा रही है।

जहाँ आम जनता गर्मी के कारण परेशान है, वहाँ डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को छाया में रहना चाहिए और धूप से बचना चाहिए, लेकिन जो लोग आवश्यक काम करते हैं उनका कहना है कि अगर घर अगर आप बाहर नहीं आते हैं तो आजीविका पर भी संकट आ सकता है। अगर देखा जाए तो गर्मी और गर्मी के कारण अक्सर देखा जाता है कि कुछ जगहों पर दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। यह देखना बहुत दिलचस्प है कि इतनी धूप और गर्मी इतनी तीव्र क्यों है, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि पेड़ों की कटाई अंधाधुंध है। लोग धूप को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और धूप और गर्मी का प्रकोप जारी है। देखो, गाँव में एक बगीचा भी नहीं है। पहले के समय में, बगीचे हुआ करते थे जहाँ लोग दोपहर का भोजन करते थे। बगीचे सुबह से शाम तक बगीचों में बिताते थे, लेकिन आज वे निर्जन हो रहे हैं और पेड़ों को अंधाधुंध काटा जा रहा है। हालाँकि सरकार का कहना है कि वृक्षारोपण किया जा रहा है, लेकिन वृक्षारोपण केवल नाममात्र के हैं। यह चल रहा है और अगर इसे लगाया जा रहा है, तो भी इसकी ठीक से देखभाल नहीं की जा रही है, जिसके कारण गर्मी की लहर चल रही है।

उत्तप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि महिलाओं को उसके नाम से नहीं पुकारा जाता है

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