उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से आलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से संतराम से बातचीत की। बातचीत में संतराम ने बताया की महिला सशक्तिकरण का मतलब है कि महिलाओं को हर विभाग में 33.46 प्रतिशत आरक्षण है जिसके तहत जो नागरिकता में हैं उन्हें प्रत्येक विभाग से योजना के तहत लाभान्वित किया जाना है। यह सभी लोगों का कर्तव्य बन जाता है , मान लीजिए कि कोई भी महिला विवाहित है और अगर उसके पति का दो साल के भीतर देहांत हो जाता है, तो सरकारी योजना के तहत आने वाले पारिवारिक लाभ और पेंशन से उसे लाभ होगा।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय श्रोता से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अगर महिला शादी शुदा है तो उन्हें भूमि का अधिकार नहीं मिलाना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से आलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कीर्ति कुमार से बातचीत की। बातचीत में कीर्ति कुमार ने बताया की महिला अधिकार जो सरकार का कानून है ,बहुत सुंदर है, उसका समाज पर, विशेष रूप से महिलाओं पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ रहा है। इस कानून की मदद से महिलायें आगे बढ़ रही है और पुरुषो से भी आगे निकल रही है
उत्तरप्रदेश राज्य के गोंडा जिला से अलोक श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अमन से बातचीत की। उन्होंने बताया कि महिलाओं को सरकार द्वारा अधिकार दिए गए हैं, महिलाओं को `शिक्षा की तरह है, लेकिन जो पैतृक है वह गलत है। क्योंकि हर लड़की की शादी में कम से कम आठ से दस लाख का खर्च आता है लेकिन हम अपने सम्मान को बचाने के लिए अपने पिता द्वारा ऐसा करते हैं। या जो खर्च किया जाता है उसका बड़ा भाई हिस्सा नहीं लेता है, तो थपथपाने या गलत करने में थपथपाने का क्या हिस्सा है।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय श्रोता से बातचीत की। उन्होंने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया जाए तो भाई-बहन के अटूट बंधन को ठेस पहुंच सकती है, नुकसान हो सकता है, दोनों के बीच संबंधों में दरार आ सकती है। इसलिए महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया गया तो उनका आपस में विश्वास टूट सकता है या रिश्ते भी खत्म हो सकते हैं।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिया जाना चाहिए। अगर महिलाओं को अधिकार दिया जाएगा तो आपस में विवाद होगा और दुश्मनी होगी, जैसे एक बेटी और बहन शादी कर अपने ससुराल चली जाती है।इसके बाद अगर उन्हें अधिकार मिला तो भाई-बहन के बीच विवाद होगा, इसलिए महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से आलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से राज चौधरी से बातचीत की। बातचीत में राज चौधरी ने बताया की महिलाओं को कानून द्वारा अधिकार दिए गए हैं और इससे उन्हें शिक्षा के अधिकार, नौकरी के अधिकार, भोजन, पहचान के अधिकार, राजनीतिक अधिकार, व्यावसायिक अधिकार और पैतृक संपत्ति जैसे कई लाभ भी दिए गए है।पैतृक संपत्ति में अगर उन्हें अधिकार नहीं मिला है तो वह कानून की सहायता से वो अधिकार ले सकती है।अगर महिला दहेज़ लेकर शादी करती है तो उन्हें पैतृक संपत्ति में अधिकार नहीं मिलना चाहिए
आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे और जानेंगे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जुड़ी श्रोताओं के विचार
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से आलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से कृष्णा से बातचीत की। बातचीत में कृष्णा ने बताया की महिलाओं को हर क्षेत्र में समान अधिकार मिलने चाहिए, इसलिए उन्हें भी पूरा अधिकार मिलना चाहिए। भूमि का अधिकार स्तिथि के हिसाब से महिलाओं को मिलना चाहिए। जो महिलाएं दहेज़ लेकर जाती है उन्हें अपने पिता की संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे समाज में विभिन्न प्रकार के बाबा हैं और उनके कारण आज हमारे समाज में विभिन्न प्रकार के समुदाय भी हैं, जिनके कारण समाज में विभिन्न प्रकार की विकृतियाँ देखी जाती हैं। लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए नहीं तो इस तरह की घटनाएँ होती ही रहेंगी । भोली-भाली जनता विभिन्न प्रकार के बाबाओं के जाल में फंस जाते है। हाल ही में आपने हाथरस की घटना के बारे में सुना होगा और देखा होगा कि बाबा बाबाओं के जाल में फंस गए हैं। वह अपनी खुद की दुकान चलाता है और एक के बाद एक, उसके भोली-भाली लोग अपना दिमाग खो देते हैं और दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं।
