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उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की देश में घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों पर हमारे पास एक ही विकल्प है कि समाज और कानून दोनों अपने - अपने स्तर पर प्रयास करें। सबसे पहले सरकार सख्त कानून बनाए और फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की जानी चाहिए। ताकि पीड़ित को तत्काल न्याय मिल सके। दूसरी ओर समाज से अपेक्षा की जाती है कि वह महिला का सम्मान करने की परंपरा विकसित करे। समाज और कानून की आपसी समझ से इस समस्या को दूर किया जा सकता है । घरेलू हिंसा के पीछे का कारण परिवार में किसी विशेष व्यक्ति की शक्ति को बनाए रखने की प्रबल इच्छा है ।
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उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से नीलम पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की समाज की तरह घरेलू हिंसा भी तेजी से बढ़ रही है । घरेलू हिंसा समाज का एक कड़वा सच है । आज इस महिला आयोग की वेबसाइट पर जो भी आंकड़े हैं वो काफी कम हैं। वास्तव में , महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की संख्या कई गुना अधिक है । महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है ।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से नीलम पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि "पक्ष-विपक्ष" कार्यक्रम के मुद्दे किसानों के बीच हलचल मचा रही है। इस कार्यक्रम से लोगों को जानकारियां भी मिल रही है। सरकार को भारत रत्न देने के अलावा, किसानों को उनके अधिकार देना चाहिए एवं मांगें पूरी करनी चाहिए। उनकी मांगें बहुत कम और जायज हैं। किसान यही चाहते हैं कि उन्हें फसलों का सही मूल्य मिले , हालांकि किसानों की इस मांग का आधार एमएस स्वामीनाथन समिति की सिफारिशें भी हैं। जो उन्होंने लगभग चार दशक पहले दी थीं । स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू करने का वादा कर के, ना जाने कितनी सरकारें आईं और चली भी गई। जिसमें वर्तमान सरकार भी शामिल है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
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