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विश्व वन्यजीव दिवस जिसे आप वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे के नाम से भी जानते है हर साल 3 मार्च को मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य है की लोग ग्रह के जीवों और वनस्पतियों को होने वाले खतरों के बारे में जागरूक हो इतना ही नहीं धरती पर वन्य जीवों की उपस्थिति की सराहना करने और वैश्विक स्तर पर जंगली जीवों और वनस्पतियों के संरक्षण के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य या दिवस मनाया जाता है.विश्व वन्यजीव दिवस के उद्देश्य को पूरा करने के लिए है हर वर्ष एक थीम निर्धारित की जाती है जिससे लोगो में इसके प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूकता को बढ़ावा मिले . हर वर्ष की तरह इस वर्ष 2024 का विश्व वन्यजीव दिवस का थीम है " लोगों और ग्रह को जोड़ना: वन्यजीव संरक्षण में डिजिटल नवाचार की खोज" है। "तो आइये इस दिवस पर हम सभी संकल्प ले और वन्यजीवों के सभी प्रजातियों और वनस्पतियों के संरक्षण में अपना योगदान दे।

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उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से नीलम पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि राजीव की डायरी के मुद्दे ग्रामीणों को बहुत पसंद आ रहे हैं। घरेलू हिंसा एक सभ्य समाज का कड़वा सच है और इस सच को झुठलाया नही जा सकता है। आज भले ही महिला आयोग की वेबसाइट पर आंकड़े कुछ भी हो ,वास्तव में महिलाओं पर होने वाले घरेलू हिंसा की संख्या कई गुणा अधिक है।समाज में आगे आने के लिए और खुद के लिए आवाज उठाने के लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से नीलम पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पक्ष-विपक्ष के मुद्दे ग्रामीण क्षेत्रों में हलचल मचा रही है। सरकार को भारत रत्न देने के अलावा किसानों को उनके अधिकार भी देने चाहिए। किसानों की मांग बहुत छोटी सी है। वो बस इतना चाहते हैं कि उन्हें उनकी फसलों का सही मूल्य मिले ।फसलों का सही मूल्य नहीं मिलता है तो किसानों को बहुत निराशा होती है। किसानों की इस मांग का आधार स्वामीनाथन समिति की सिफारिशें हैं,जो उन्होंने लगभग चार दशक पहले दी थीं। मगर आज तक किसी भी सरकार ने इस तरफ ध्यान नही दिया है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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