उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रिंशु पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से विकास तिवारी से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि आज भी महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिलता है, महिलाओं को घर तक ही सिमित रखा जाता है। लड़कियां लड़कों के बराबर होती हैं और उन्हें पुरुषों के सामान अधिकार मिलना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रिंशु पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से नीरज पाण्डेय से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि आज भी महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिलता है। महिलाओं को समाज में बोझ समझा जाता है, उनको घर तक ही सिमित रखा जाता है, जो की गलत है, महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से विभा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राजेश से साक्षात्कार लिया। राजेश ने बताया कि ये पत्तल और गिलास बनाने का बिजनेस करना चाहते हैं और इसके लिए इनको सहायता चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रिंशु पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सचिन पाण्डेय से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि आज भी महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिलता है। महिलाओं को पराया ही समझा जाता है, चाहे वे ससुराल में रहें या मायके में। जो की गलत है, महिलाओं को भूमि में अधिकार दिया जाना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रिंशु पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से उज्जवल तिवारी से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि आज भी समाज में महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा हीन भावना से देखा जाता है। आज भी उन्हें पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त नहीं है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से विभा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से दीपा मिश्रा से साक्षात्कार लिया। दीपा मिश्रा ने बताया कि ये पापड़ बनाने का कार्य करना चाहती हैं और इसके लिए इनको सहायता चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रिंशु पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राजू से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया की आज भी महिलाओं को बराबरी का सम्मान नहीं दिया जाता है। महिलाएं आत्मनिर्भर हो कर कोई भी निर्णय खुद नहीं ले पाती हैं
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रिंशु पाण्डेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से राजकुमार से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया की वे कारपेंटर का काम करना चाहते है। इसके लिए उन्हें आर्थिक सहायता और जानकारी चाहिए।
दोस्तों, एक बार फिर से उन्हीं दिनों को जीने की कोशिश करते हैं अपने बच्चों के संग उनके बचपन को एक त्यौहार की तरह मनाते हुए हंसते हुए, खेलते हुए, शोर मचाते बन जाते हैं उनके दोस्त और जानने की कोशिश करते हैं इस बड़ी सी दुनिया को उनकी आंखों से | घर और परिवार ही बच्चों का पहला स्कूल है और माता पिता दादा दादी और अन्य सदस्य होते हैं उनके दोस्त और टीचर हो. साथ में ये भी कि बच्चों के दिमाग का पचासी प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है.
उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से विभा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रेखा तिवारी से साक्षात्कार लिया। रेखा तिवारी ने बताया कि ये खिलौने का बिजनेस करना चाहती हैं। इसके लिए इनको सहायता चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
