उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला के पचपेड़वा प्रखंड से राजाबाबू मिश्रा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रमिला से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें पिता की संपत्ति में अधिकार मिला था, लेकिन उन्होंने अपना हिस्सा अपने भाइयों को दे दिया।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से पूजा यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सायमा से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे घर पे रह कर पेन पेन्सिल का व्यापार करना चाहती हैं। इससे जुड़ी जानकारी उन्हें चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से पूजा यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से पूनम से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे बिसात खाना का दूकान खोलना चाहती हैं ,इसकी जानकारी चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के पचपेड़वा से राजाबाबू मिश्रा ,मोबाइल वाणी के माध्यम अमर मिश्रा से बात कर रहे है। ये कहते है कि इनके पिताजी ने लोन लेकर कपडा का दूकान खोले है
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से विभा ,मोबाइल वाणी के माध्यम से निशा मिश्रा से बात कर रही है। ये कहते है कि यह खिलौना की दूकान खोलना चाहती है। इन्हे इसके लिए आर्थिक सहायता की ज़रुरत है ।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रिंशु पांडेय ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को सम्मान नहीं मिलता है। उन्हें कोई अधिकार नहीं दिया जाता है। समाज में उन्हें बोझ समझा जाता है। इनका मानना है कि महिलाओं को भूमि अधिकार मिलना चाहिए
इस एपिसोड में जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों को एक किसान परिवार की कहानी के माध्यम से दिखाया गया है। बदलते मौसम पैटर्न, अनियमित वर्षा, और कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई है। साथ ही, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए समुदाय-स्तर पर कार्रवाई करने का आह्वान किया गया है।
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर के पचपेड़वा प्रखंड से राजा बाबू की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से आयुष यादव से हुई।आयुष यादव यह बताना चाहते है कि कुछ लडकियां अपने पिता के जायदाद में हिस्सा नहीं लेना चाहती है क्योंकि नईहर में माता -पिता का मान सम्मान कम हो जाता है , और उनको अधिकार नहीं देते है
उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर के पचपेड़वा प्रखंड से राजा बाबू की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से दुर्गा प्रसाद मिश्रा से हुई। दुर्गा प्रसाद मिश्रा यह बताना चाहते है कि वह लोहा और सीमेंट का दूकान करना चाहते है। इस व्यापार को करने के लिए दो से तीन लाख रुपया लगेगा। महीने का 40 हज़ार रुपया का लाभ होगा।
पानी में आर्सेनिक, लोह तत्व और दूसरे घातक पदार्थों की मात्रा महिलाओं के स्वास्थ्य पर सबसे बुरा असर कर रही है और फिर यही असर गर्भपात, समय से पहले बच्चे का जन्म या फिर कुपोषण के रूप में सामने आ रहा है. साथियों, हमें बताएं कि आपके परिवार में अगर कोई गर्भवति महिला या नवजात शिशु या फिर छोटे बच्चे हैं तो उन्हें पीने का पानी देने से पहले किस प्रकार साफ करते हैं? अगर डॉक्टर कहते हैं कि बच्चों और महिलाओं को पीने का साफ पानी दें, तो आप उसकी व्यवस्था कैसे कर रहे हैं? क्या आंगनबाडी केन्द्र, एएनएम और आशा कार्यकर्ता आपको साफ पानी का महत्व बताती हैं? और ये भी बताएं कि आप अपने घर में किस माध्यम से पानी लाते हैं यानि बोरवेल, चापाकल या कुएं और तालाबों से?
