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लक्खीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खेमतरणी स्थान की शिक्षिका सरिता कुमारी बतला रही है कि बच्चे और महिलाएं इस देश मे सुरक्षित नही है उनमें असुरक्षा की भावना रहती है जिसे दूर करने के लिए हमे जागरूकता अपने घर से ही शुरू करने की जरूरत है।
कुमारी निरुपम सिन्हा मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है,देश मे महिलाये और बच्चे आज भी सुरक्षित नही है,आज आये दिन समाचारो में आती रहती है महिलाओ और बच्चों के साथ हो रहे अन्याय की खबरे।आज हम सब को अपनी सोच बदलने की आवश्यकता है।
बिहार राज्य के नालंदा जिला से संवाददाता रंजन कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कहा कि आज कल पुरे भारत देश में हम महिलाओं को देवी का रूप मानते है। लेकिन क्या हम उस देवी को इज्जत भरी निगाहों से देख रहे है ? नहीं। क्योंकि हर समाचारों में, अखबारों में बस यही सुनते है की महिलाओं के साथ या फिर किसी बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ है। मोदी सरकार के कानून बनने के बाद भी लोग खुले आम महिला या फिर छोटी बच्चियों को अपने हवस का शिकार बना रहें हैं। जैसे - जैसे साल बीत रहें है, उसी प्रकार बलात्कार का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। संवाददाता ने कहा कि अब तो घरों में भी बलात्कार की खबर मिलते रहती है। जिस कारण से महिला और छोटी छोटी बच्चियां बाहर तो बाहर घरों में भी अपने आप को सुरक्षित महसुस नहीं कर पा रहीं है। अगर ऐसा चलता रहा तो आने वाले समय में इसे रोकना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।
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