बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि आरक्षण हमारे देश की प्रगति में बाधक बन रहा है।देश के विकास में प्रतिभा बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।लेकिन आरक्षण के कारण प्रतिभा अदृश्य हो जाती है।हमारे देश में विकास और प्रतिभा का कोई सुप्रबन्ध नहीं है,जिसके कारण देश की प्रगति भी शिथिल पड़ गयी है।हमारे देश में आजादी के बाद से ही चली आ रही आरक्षण नीति देश के प्रगति में बाधक बन रही है।देश को कमजोर करने वाले इस नीति पर विचार करना बहुत आवश्यक हो गया है

बिहार राज्य के जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार जीविका मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं की अपनी भावना व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है कविता इसके माध्यम से हम आसानी से अपनी भावनाओं को लोगों के बीच रख सकते हैं।वर्तमान समय में युवा वर्ग का ध्यान साहित्य और कविताओं से हटता जा रहा है।इसका मुख्य कारण है,जिंदगी की व्यस्तता जिसके कारण लोगों के पास समय का अभाव होता है।साहित्य का सबसे अच्छा भाग है कविता इसके माध्यम से ना केवल अपनी भावनाओं को बल्कि समाज की राजनितिक ,आर्थिक ,सांस्कृतिक गतिविधियों से भी अवगत कराती है।कविता के शब्द ऐसे होने चाहिए जिससे कि वो सुंनने वालों के हृदय और मन तक पहुँचे।उन्हें सही ज्ञान और रास्ते की पहचान कराये।कविता ऐसी हो की कवि के मरणोपरांत भी उनकी कविता जीवित रहे।युवाओं को भी इस ओर आकर्षित करने की जरूरत है।जिससे उनका रुझान भी इस ओर बढ़े।

बिहार राज्य के जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि लोगों के असंगठित तरीके से वाहन चलाने और ट्रैफिक व्यवस्था खराब होने से सड़क पर जाम की समस्या देखने को मिलती है।इसे लोगों को परेशानी तो होती ही है,साथ ही अपने गंतव्य तक पहुँचने में विलम्ब का भी सामना करना पड़ता है।सड़क जाम का कारण तो कभी-कभी समझ ही नहीं आता है।इसके साथ ही ट्रेनें भी समय से पर नहीं आती है।इसका कारण भी समझ पाना मुश्किल है।ट्रेनों के गति और किराये दोनों में वृद्धि होने के बावजूद ट्रेनें समय पर नहीं पहुँचती हैं। ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए जिससे यात्रियों को भी ट्रेन देर होने का सही जानकारी मिल सके।आम व्यक्तियों के पइसे से ही ट्रेनों का परिचालन होता है,इसलिए उन्हें पूरा अधिकार है जानकारी लेने का जिससे अनावश्यक विलम्ब को भी रोकने की पहल की जा सकेगी

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी देते हुए कहते हैं कि चिकित्सा से सम्बंधित ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहाँ नर्स की आवश्यकता नहीं पड़ती है।नर्स के काम को दुनिया में सेवा का काम माना गया है।हमारे देश में चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अस्पतालों और नर्सिंग सेंटरों के निर्माण कार्य को बढ़ावा दिया जा रहा है।जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के भी अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 से 2024 तक पंजीकृत नर्सों के लिए रोजगार के अवसर में वृद्धि होने की संभावना है।ऐसे में आर्थिक सेवा भाव से जुड़ कर युवा वर्ग इस क्षेत्र में रोजगार कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं

बिहार राज्य के जमुई जिला से राजीव मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी देते हुए कहते हैं कि गाँव में लोगो के बीच बिजली बचाओ अभियान के द्वारा जारूकता लाने का प्रयास किया गया।इस अभियान के तहत ग्रामीणों से यह भी वादा किया गया की जिनके यहाँ बिजली मीटर नहीं लगे हैं,उनके यहाँ मुफ्त में विभाग की ओर से मीटर लगाया जाएगा।इस बात से लोगों बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।इसके साथ ही जिन लोगों के पास बिजली मीटर नहीं थे,उन्होंने अपना नाम भी दर्ज करवाया।

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि गर्मी की शुरुआत होते ही जल समस्या की भी शुरुआत हो चुकी है।प्रत्येक वर्ष की तरह ही हमें फिर से जल समस्या के लिए तैयार होना होगा।जब समस्या हमारे सामने कोई समस्या आ खड़ी होती है ,तब ही उस समस्या के निराकरण के लिए हम विचार-विमर्श करते हैं।सरकार की ओर से इसके लिए कोई ठोस प्रयास कभी नहीं किया जाता है ,और ना ही समाज की ओर से कोई पहल होती है। इस समस्या के लिए जिम्मेवार कम बारिश नहीं बल्कि बारिश के पानी का संरक्षण नहीं होना है।वर्तमान समय में तालाबों को काट देने से पानी बह जाता है।शहरों में तो इनकी जगह कई बड़ी इमारतों का निर्माण कर दिया गया है।बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए हम कोई प्रयास नहीं करते है ,अगर इस पानी का संरक्षण कर लिया जाए तो पुरे साल की खेती और पीने के पानी की समस्या कभी नहीं होगी

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहते हैं कि हमारा देश सिर्फ कहने के लिए लोकतान्त्रिक है।भुखमरी ,गरीबी ,बीमारी , सामंतवादी व्यवस्था का ही दुष्परिणाम है।हमारे देश की दुर्दशा तो यह है कि मतदान भी जाति,भाषा,क्षेत्र के आधार पर दिए जाते हैं।चुनाव नीतियों और दलों के बीच ना हो कर जाति धर्म विशेष के बीच होता है।यहाँ के बच्चे का जन्म होते ही यह तय हो जाता है कि वह भविष्य में वह किस दाल को अपना मत देगा।यह वैसा लोकतंत्र हैं जहाँ पर लोक का प्रतिनिधित्व होता है ,जनता की बात समझी जाती हो या उनके समस्याओं का समाधान होता है।वर्तमान समय में हमारे देश में जो लोकतंत्र है,उसे धर्मतंत्र,बाहुबलतन्त्र ,धनतंत्र कहा जा सकता है

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहते हैं कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से यातायात काफी सुगम हो गया है।सुदुरवर्ती ग्रामीण इलाकों को राज्य्मार्ग से जोड़ने में सरकार की ग्राम सड़क योजना ने आधुनिक भारत में क्रांतिकारी परिवर्तन के रूप में विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।सड़क के निर्माण से किसानों की पहुँच भी पूर्व की अपेक्षा ज्यादा सुगम हो गयी है।बीमारी की अवस्था में इलाज के लिए अब लोग आसानी से अस्पताल पहुँच पाते हैं।जिन क्षेत्रों में सिर्फ दो पहिया वाहन ही चलते थे ,अब उन सड़कों पर भी आसानी से ऑटो से यात्रा किया जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों की उन्नति के लिए केंद्र सरकार को ऐसी योजनाए बनानी चाहिए ,जिससे बुनियादी परिवर्तन के साथ यह भी सिद्ध हो सके की भारत की आत्मा गाँवो में बसती हैं

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी देते हैं कि गर्मियों के दस्तक देते ही हर क्षेत्र में जल समस्या एक आम बात हो चुकी है।शहरों में निगम की लापरवाही के कारण पानी को बेवजह बहाया जाता है।जल समस्या के बावजूद जगह-जगह पानी की पाइपों में लीकेज मिलना कोई नई बात भी नहीं है।ऐसे में जल संकट को और बढ़ावा दिया जाता है।इसमें ऐसा लगता है की सरकार और निगम दोनों की ही साझेदारी हो।इस समस्या पर अगर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति काफी भयावह हो जायेगी।हमारे राज्यों के लोगों को भी बूँद -बूँद जल के लिए सोचना पड़ेगा।जल संकट से बचने के लिए लोगों को सबसे पहले जल की बर्बादी को रोकना पड़ेगा।जल संरक्षण की जिम्मेवारी सिर्फ सरकार की ही नहीं बल्कि पुरे देश के लोगों की है।

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार जीविका मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी देते हुए कहते हैं कि सिकंदरा प्रखंड के सभी 14 पंचायतों में मिलने वाली समाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत अभी तक लाभुकों को इसे वंचित रखा गया है।पेंशन भुगतान की प्रकिरया में बदलाव होने के कारण सैंकड़ो की संख्या में लाभुकों को डेढ़ साल से पेंशन की राशि नहीं मिल पा रही है।जिसके कारण काफी समस्याओं का सामना लोगों को करना पड़ता है।एक तो पेंशन की राशि वैसे ही इतनी कम है कि लोगों को कुछ फायदा नहीं हो पाता है।इसके बाद भी इन लोगों को इतने दिन तक पेंशन की राशि से वंचित रख कर पंचायत से ले कर प्रखंड स्तर तक के पदाधिकारी उन्हें परेशान करने में कोई कमी नहीं रख रहे हैं