नेपाल में प्रतिबंधित पांच सौ रुपए के नोट के साथ एक नेपाली व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।वीरगंज पुलिस ने जांच के क्रम में उक्त व्यक्ति के पास से 500के 200नोट यानी कुल 1लाख रुपए भारतीय मुद्रा बरामद किया है। उक्त बरामदगी रक्सौल वीरगंज सड़क खंड के शंकराचार्य गेट के पास से हुई।वीरगंज(पर्सा)के डीएसपी दीपक गिरी ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान नेपाल के वीरगंज के छपकैया वार्ड 1निवासी जटाशंकर साह सोनार(21 ) के रूप में हुई हैं।बरामद 500के भारतीय नोट नेपाल में प्रतिबंधित है,जिसके पकड़े जाने के विरुद्ध कानुनी करवाई के प्रावधान है।उन्होंने बताया कि जटाशंकर पैदल रक्सौल की तरफ से आ रहा था।जिसको संदिग्ध स्थिति में देख कर जांच की गई।तलाशी में पॉकेट से उक्त रकम बरामद हुई। ।
सिकरहना बहलोलपुर गांव में बुधवार की रात्रि चोरों ने दो घरों में सेंधमारी कर हजारों रुपये की सामग्री चुरा ली। चोरों ने गौरीशंकर साह के घर में ईंट के दिवाल में सेंधमारी कर घर में घुस गए व पेटी उठाकर बाहर ले गए। बाहर पेटी से जेवरात व कीमती साड़ी निकाल लिया तथा पेटी को वहीं छोड़ दिया। घर के लोग दूसरे कमरे में सोए थे। सुबह में घटना की जानकारी मिली। वहीं नूर मोहम्मद के घर में सेंधमारी कर सात हजार रुपये नगद व एक मोबाइल चोरी कर ली। घर के लोग उसी घर में सोए थे लेकिन इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह में घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गयी। मामले को लेकर थाने में कोई आवेदन नहीं दिया गया है।
स्थानीय डाकबंगला चौराहा पर वीर छत्रपति महाराणा प्रताप के पुण्यतिथि पर गुरुवार को भव्य श्रद्धांजलि दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उपस्थित लोगों ने उनके जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला। सभा के संयोजक जदयू नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम की सफलता पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप की देशभक्ति और उनकी वीरता व समर्पित कार्यशैली हर पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत है। उनके देश भक्ति और वीरता को किसी जाति धर्म के दायरे में समेटना संभव नहीं है। मौके पर विधायक इंजीनियर राणा रणधीर सिंह, दीपक पटेल सरदार मंजीत सिंह, टुन्ना सिंह, संजय सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, वसीलअहमद खान, कौशल किशोर इंजीनियर अजय कुमार आजाद, जितेंद्र सिंह, बृज बिहारी पटेल, धीरज चंद्रवंशी, बिट्टू सिंह, अभय तिवारी, कुणाल सिंह, विशाल सिंह, संटू पाठक, महेश श्रीवास्तव, कृष्णा कश्यप, किरण दीदी, लिटिल सिंह, सुनील सिंह थे।
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रुलही गांव में आगजनी में झुलसे मुकेश कुमार की इलाज के दौरान पटना में गुरुवार को मौत हो गयी। प्रेम प्रसंग को लेकर युवक के शरीर पर ज्वलनशील तेल छिड़कर आग लगा देने का आरोप लगा था। आगजनी मामले में 13 जनवरी को छह लोगाें के खिलाफ मुफस्सिल थाने में एफआईआर दर्ज की गयी थी। घटना के बाद जख्मी हालत में युवक को इलाज के लिये सदर अस्पताल लाया गया। स्थिति चिन्ताजनक होने पर सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया। मुजफ्फरपुर में इलाज के बाद पटना में इलाज के लिये उसे भर्ती कराया गया था। रुलही गांव के शंभू देवनाथ ने मुफस्सिल थाने में सिंधु देवनाथ, संजित देवनाथ, रतन देवनाथ, सुनील देवनाथ, सिंधुदेव नाथ की पत्नी रिंना देवी व रतन देवनाथ की पत्नी ललिता देवी पर भांजा मुकेश कुमार के शरीर में आग लगाकर जलाने का आरोप लगाया था। दर्ज एफआईआर में बताया था है कि आरोपितों ने मिलकर उसके भांजा के शरीर में आग लगा दी। रात में जब उसके चिल्लाने की आवाज सुनाई दी तो वह बाहर निकला तो देखा कि सिंधु देवनाथ के घर के सामने उसके भांजा के शरीर में आग लगी है। वह जख्मी हालत में तड़पते हुये आरोपित लोगों का नाम बता रहा है। वहां गांव के लोगों की भीड़ जमा हो गयी। गांव के लोगों के सहयोग से इलाज के लिये उसे सदर अस्पताल ले जाया गया। फेसबुक पर फोटो डाल कामेंट करने पर दूसरे पक्ष ने किया था केस फेसबुक पर फोटो डालकर गलत कॉमेंट करने को लेकर 13 जनवरी को ही मुफस्सिल थाने के रुलही गांव के मुकेश मंडल के खिलाफ दूसरे पक्ष ने एफआईआर दर्ज करायी थी।
सरकारी योजजनाओं की गहन जांच व पर्यवेक्षण कार्यक्रम के तहत अनुमंडल पदाधिकारी सिकरहना इफ्तेखार अहमद के द्वारा प्रखंड के झरोखर पुचायत में विभिन्न सरकारी योजनाओं व जातीय जनगणना का निरीक्षण किया गया। इस क्रम में वार्ड संख्या-2 में पासवान टोला में नल जल की समुचित व्यवस्था नहीं रहने की शिकायत पर शीघ्र निराकरण का निर्देश दिया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों की जांच कर पौष्टिक पोषाहार व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का निर्देश दिया गया। वृद्धापेंशन नहीं मिलने की एकमात्र शिकायत का निराकरण करते तुरंत फॉर्म भरवा कर प्रखंड कार्यालय में जमा करने का निर्देश वार्ड सदस्य को दिया गया। जातीय जनगणना के प्रगणकों के द्वारा किये गये कार्यो का रैंडमली जांच किया गया। इस क्रम में प्रपत्र,नजरी नक्शा व वाल राईटिंग से मिलान किया गया। एसडीओ ने जनवितरण दूकानों की जांच के क्रम में निशुल्क खाद्यान्न वितरण के सम्बंध में लाभुकों से पूछताछ की।
जिला के करीब 108 अल्ट्रासाउंड संचालकों का लाइसेंस का रिन्यूअल अधर में लटक गया है। क्योंकि इन सबों का लाइसेंस सिविल सर्जन कार्यालय से सरकार के निर्देश के विरुद्ध दिया गया है। जिसको लेकर इन सब के लाइसेंस के रिन्यूअल के लिये पटना विभाग से निर्देश मांगा गया है जो अभी तक अप्राप्त है। जबकि इसमें अधिकांश के लाइसेंस की अवधि इस माह से लेकर अगले माह समाप्ति पर है। जिसको लेकर ऐसे अल्ट्रासाउंड संचालकों ने सिविल सर्जन कार्यालय का चक्कर लगाना शुरू कर दिया गया है। जांच के लिए डीएम ने बनायी थी कमेटीबताया जाता है कि जिला में निर्गत होने वाले अल्ट्रासाउंड लाइसेन्स के लिये राज्य स्वस्थ्य समित्ति पटना ने ऑनलाइन लाइसेंस के लिए आवेदन लेने का निर्देश 2018 में दिया था। मगर सिविल सर्जन कार्यालय ने इस निर्देश को नजर अंदाज कर सीधा आवेदन लेकर अल्ट्रसाउंड का लाइसेंस यह कह कर बांट दिया कि वे लोग राज्य स्वास्थ्य समिति के अधीन नहीं है । हेल्थ निर्देशक का पत्र मिलेगा तो अमल किया जाएगा। जबकि हेल्थ निर्देशक पटना ने भी पत्र जारी किया था मगर इस पत्र को दबा दिया गया। इस बात को हिंदुस्तान अखबार ने प्रमुखता से उठाया तो विभाग का कान खड़ा हुआ व यह मामला डीएम तक पहुंचा। डीएम शीर्षत कपिल ने जांच कमेटी बनाई। जांच में कई तरह के अनियमितता पायी गयी। बगैर विशेषज्ञ डिग्री के भी लाइसेंस देने की बात सामने आई। जांच रिपोर्ट के बाद इन सबों पर कार्रवाई करने का निर्देश डीएम के द्वारा दिया गया। मगर यह ़फाइल आज भी ठंडे बस्ते में पड़ी है। न तो इन सबों का रिन्यूअल हो रहा है और न लाइसेंस को रद्द किया गया है।
जिले में आयुर्वेद के नाम पर इलाज करने वाले डॉक्टरों की भरमार है। कुछ तो डिग्री धारक हैं और कुछ बगैर डिग्री के भी अपना किलिनिक खोल रखे हैं। ऐसे डाक्टरों में कुछ लोग मधुमेह रोग विशेषज्ञ तो कुछ लोग पेट व छाती रोग विशेषज्ञ का बोर्ड लगा रखा है। मरीज को आयुर्वेद का चूर्ण भी दे रहे हैं। यह चूर्ण किसी ब्रांडेड कंपनी की नहीं है बल्कि स्व निर्मित दे रहे हैं। इसको लेकर कई लोगों ने नाम गुप्त रख कर ड्रग विभाग को शिकायत की है कि इस चूर्ण में एलोपैथिक दवा भी है। पता नहीं इसका मिश्रण कैसे किया गया है। इस शिकायत पर ड्रग विभाग के कान खड़े हो गये हैं। इसको लेकर ड्रग विभाग के द्वारा चूर्ण का सैम्पल लिए जाने का काम शुरू किया जा रहा है। बताते हैं कि आयुर्वेद चूर्ण में एलोपैथिक दवा का मिलाना अपराध है और यह अपराध कतिपय आयुर्वेद के कथित डाक्टर कर रहे हैं। इसका खुलासा पिछले साल शहर के सटे रघुनाथपुर में हुआ था। कैप्सूल में सत्तू भर कर आयुर्वेदिक टॉनिक बता बेचा जा रहा था। जो पकड़ा गया। ऐसा ही गोरख धंधा अभी भी चल रहा है। ऐसे डाक्टरों की न तो सीएस के द्वारा डिग्री की जांच की जाती है और न रोकथाम के लिये कार्रवाई की जाती है। नतीजतन यह धंधा फलफूल रहा है। जानकर बताते हैं कि दलाल के माध्य्म से चलने वाले ऐसे क्लिनिक पर मरीजों की अच्छा भीड़ भी रहती है।मगर जब किडनी व लिवर डैमेज होने लगता है तो फिर ऐसे मरीज सही डाक्टर के पास दौड़ लगाते हैं। बताते है कि इस तरह का बहुत केस डाक्टरों के पास आने लगा है। चकिया के मधुमेह रोगी ब्रजनन्दन प्रसाद जो डाक्टर से इलाज कराने आये थे। उन्होंने डाक्टर से बताया कि वे शहर के बेलवनवा स्थित एक डाक्टर से इलाज कराए। उनके यहां से दवा के नाम पर चूर्ण मिला। शुगर कन्ट्रोल तो हुआ मगर कुछ ही दिन में सुगर कन्ट्रोल से बाहर हो गया। अल्ट्रासाउंड कराए तो मालूम हुआ कि किडनी से लेकर लिवर तक डैमेज हो गया है। अब नए सिरे से डाक्टर से इलाज करवा रहे हैंजिससे सुधार है।
डीएम सह प्रधान गणना पदाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार जाति आधारित गणना के निमित्त जिला ,अनुमंडल व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ गुरुवार को समाहरणालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई । इसके तहत 21 जनवरी तक प्रथम चरण में मकान नंबरीकारण व संक्षिप्त मकान सूची के निर्माण का कार्य किया जा रहा है । डीएम ने जाति आधारित गणना के लिए सहायक , पर्यवेक्षक व प्रगणकों को जिला,प्रखंड स्तर व नगर निकाय स्तर पर मकान व भवन का भौतिक सत्यापन हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कहा कि एक भी व्यक्ति का मकान या भवन नहीं छूटना चाहिए। इसमें कोताही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों व कर्मचारियों से कहा कि जाति आधारित गणना के निमित्त अपने कर्तव्य व दायित्व का निर्वहन समय पर सुनिश्चित करें।
जिला पशुपालन विभाग के द्वारा जिले के पशुओं को खुरहा मुंहपका तथा लम्पी रोगों से निजात दिलाने के लिए निशुल्क टीकाकरण का कार्य जिले के प्रत्येक प्रखण्ड में आरंभ कर दिया गया है। इसके लिए तीन सौ पंचानबे टीकाकर्मी घर-घर घूमकर पशुओं को टीका लगा रहे हैं। प्रभारी जिला पशुपालन पदाधिकारी डा.मृत्युंजय शरण ने बताया कि पशुओं के टीकाकरण के लिए जिले में छह लाख निन्यानबे हजार टीका खुरहा-मुंहपका रोग का तथा लम्पी रोग का तीन लाख तिरसठ हजार छह सौ टीका सहित कुल दस हजार बासठ हजार छह सौ टीके लगाए जाएंगे।
कुंडवचैनपुर में ग्रामीणों को स्वावलंबी एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से सशस्त्रत्त् सीमाबल बीसवीं वाहिनी द्वारा गुरुवार को मध्य विद्यालय हीरापुर में मत्स्य पालन कुछ फायदे विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि सहायक सेनानायक जे.सेनापति उपस्थित थे। कार्यक्रम में सशस्त्रत्त् सीमाबल की ओर से डा.आशीष राय,डा.सुनीता कुमारी, डा.उदय राय गुर्जर आदि ने सशस्त्रत्त् सीमाबल की ओर समय भाग लेकर लोगों को मतस्य पालन के बारे में बताया।वक्ताओं ने बताया कि बिहार की मिट्टी मत्स्य पालन के लिए उपयुक्त है। वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन कर किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।
