उच्च न्यायालय के आदेश पर ढाका नगर परिषद के उपसभापति अर्चना पांडेय पर अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष बैठक 27 जनवरी को होगी। पूर्व में उपसभापति पर हुए अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग द्वारा रोक लगाने पर वार्ड पार्षद बबिता गुप्ता व सलाहुद्दीन ने उच्च न्यायालय में एक वाद दायर किया था, जिसपर कोर्ट ने नए सिरे से उपसभापति अर्चना पांडेय के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष बैठक बुलाने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने विशेष बैठक बुलाने के लिए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया। कार्यपालक पदाधिकारी ने सभी वार्ड पार्षदो को 27 जनवरी को बैठक में भाग लेने के लिए पत्र भेजा है।
सिकरहना के परसा गांव निवासी जवाहरलाल साह की बाइक से बदमाशों ने छह लाख रुपये और चेक बुक उड़ा लिए। विरोध करने पर बदमाशों ने उनके पुत्र को धक्का देकर गिरा दिया व रुपये लेकर फरार हो गये। घटना शुक्रवार अपराह्न करीब तीन बजे प्रखंड कार्यालय के गेट की है। जवाहरलाल के अनुसार स्टेट बैंक, ढाका से छह लाख रुपये निकालकर झोला में रख बाइक की डिक्की में रख लिए और अपने दो पुत्रों के साथ कागजात जमा करने के लिए प्रखंड कार्यालय आये। वे अपनी बाइक गेट के समीप खड़ी कर अपने एक पुत्र अजय कुमार के साथ कार्यालय गये और एक पुत्र सुमेश कुमार बाइक के समीप रुक गया। इसी बीच एक बाइक पर सवार दो बदमाश आये और एक बदमाश बाइक से उतर कर डिक्की पर जोर से मारकर तोड़ दिया। इसका विरोध करने पर सुमेश को बदमाश ने धक्का देकर गिरा दिया और रुपये निकाल बाइक से फरार हो गये। बदमाशों को पकड़ने के लिए अन्य लोग भी दौड़े पर दोनों भागने में सफल रहे।
सिकरहना पुलिस ने करीब चौदह माह पूर्व अपहृत लड़की को अपहरणकर्ता घोड़ासहन थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर लौखान के मो. जहीर आलम के साथ गुरुवार की देर संध्या बरामद कर लिया। गिरफ्तारी आदापुर थाना के लोहराई टोला (मुर्तिया टोला) से हुई। ढाका थाना क्षेत्र के एक गांव से नवंबर 2021 में एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था, जिसको लेकर उसके पिता द्वारा ढाका थाना में अपहरण व पोक्सो एक्ट के तहत एक प्राथमिकी ढाका थाना में दर्ज कराई गई थी। इसमें घोड़ासहन थाना के लक्ष्मीपुर लौखान निवासी जहीर आलम सहित अन्य को अभियुक्त बनाया गया था। बरामदगी की पुष्टि करते हुए कांड के अनुसंधानकर्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि बरामद लड़की को मेडिकल जांच व कोर्ट में बयान के लिए भेजा जा रहा है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है
बीते दस-पंद्रह दिनों में खाने-पीने की कई चीजों के दाम बढ़ गए है। आटा, चावल, मैदा आदि की कीमत बढ़ने से घरों के रसोई का बजट बिगड़ रहा है। आमतौर पर नई फसल आने के बाद जनवरी-फरवरी में चावल की कीमत कम रहती हैं। लेकिन इस वर्ष यह ट्रेंड बिल्कुल अलग है। नई फसल बाजार में होने के बावजूद चावल की कीमत लगभग महीने भर से लगातार बढ़ रही है। बेउर के खुदरा किराना व्यापारी मंटू कुमार बताते हैं कि प्रत्येक सप्ताह चावल की 30 किलो की बोरी पर आठ-दस रुपये बढ़ रहा है। यही हाल आटा और मैदा के साथ भी है। इससे लोग परेशान हैं कहते हैं राज्य के व्यापारी और घरेलू उपभोक्ता बिहार राज्य खुदरा विक्रेता महासंघ के महासचिव रमेश तलरेजा कहते हैं कि ठंड में पिछले दिनों हुई बारिश के कारण फसल खराब हुई थी। इसका असर अब बढ़ती कीमतों में देखने को मिल रहा है। संगठन के उपाध्यक्ष विजय कुमार पटवारी कहते हैं कि मध्यप्रेदश से आने वाले गेहूं की कीमत में बढ़ोतरी नहीं है। वह अभी भी 33 सौ रुपये से 37 सौ रुपये क्विंटल बिक रहा है। लेकिन सस्ता गेहूं बाजार में नहीं उपलब्ध होने से आटा की कीमत में इजाफा हो रहा है। मैदा की कीमत और आटा की कीमत लगभग बराबर हो गया है। मोतिहारी बरियारपुर की सुनीता सिन्हा कहती हैं कि महंगाई राहत नहीं मिल रहा है। कभी तेल-रिफाइन की बढ़ती कीमते परेशान करती है तो कभी आटा, चावल की। एक पर अंकुश रहता है तो दूसरा उसकी कमी पूरा कर देता है। बीते एक-डेढ़ साल में मध्यमवर्ग के घर का बजट खर्च में कटौती के बावजूद चार से पांच हजार रुपये तक बढ़ गया है। चावल की कीमत में भी इजाफा दाल और तेल में राहत बाजार में दाल और तेल की कीमतों में बीते एक-डेढ़ महीने से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। तेल- रिफाइन की कीमत दो सौ रुपये के नीचे है। पिछले साल जनवरी-फरवरी में चावल-आटा की कीमतें स्थिर थी और दाल-तेल की कीमत बढ़ने से परेशानी हुई थी। इसके अलावा चीनी आदि चीजों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। आटा की कीमत लगातार बढ़ रही है। दस से पन्द्रह दिन के अंदर आटा की खुदरा कीमत में दो से तीन रुपये किलो और पैकट बंद आटा की कीमत में चार से पांच रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। 36 रुपये किलो बिकने वाला आटा शुक्रवार को 38 रुपये किलो बिक रहा है। 190 रुपये में पांच किलोग्राम का पैकेट की कीमत बढ़कर 205 रुपये हो गई है। 25 किलोग्राम का आटा पैकेट की कीमत पहले 640 रुपये से बढ़कर 820 रुपये हुआ था। पर्व-त्योहार में यह बढ़कर 870 रुपये हो गया है। ब्रांडेड आटा की बात करें तो 25 किलोग्राम वाले आटा पैकेट की कीमत 840 रुपये से बढ़कर 855 रुपये और 30 किलोग्राम वाले आटा पैकेट की कीमत 890 रुपये वाले की बढ़कर 980 रुपये और 1080 रुपये पैकेट वाले की कीमत बढ़कर 1120 रुपये हो गया है। चावल की कीमत में भी काफी बढ़ोतरी बीते दस-पन्द्रह दिनों में देखा गया है। खुदरा विक्रेता महासंघ के महासचिव बताते हैं कि लंबा दाना चावल में 10 रुपये किलो तक और बिहार के खेतों से निकले चावल में 4 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। दुकानदार बताते हैं कि 25 किग्रा के चावल की बोरी ब्यूटी क्वीन 11 सौ रुपये से बढ़कर 1180 रुपये। लाडली चावल की बोरी 980 रुपये से बढ़कर 1100 रुपये, सेवन स्टार चावल की कीमत 910 रुपए से बढ़कर एक हजार रुपये हो गया है। खुदरा दुकानदार मंटू बताते हैं कि मोटका मंसूरी(25 किग्रा) की कीमत 680 रुपये से बढ़कर 760 रुपये हो गया है। वहीं माखनभोग(25किग्रा) की कीमत 1220 रुपये से बढ़कर 1370 रुपये किलो हो गया है।
राज्य में जाति आधारित गणना का पहला चरण शनिवार (21 जनवरी) को समाप्त हो रहा है। इसके अंतर्गत घरों को गिनने का काम तकरीबन पूरा हो गया है। इसकी रिपोर्ट तैयार होने के बाद अप्रैल से दूसरे चरण की शुरुआत होने जा रही है। हालांकि दूसरे चरण के तारीख की घोषणा नहीं हुई है। यह समझा जा रहा है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में विधानमंडल का बजट सत्र समाप्त होने के बाद ही इसकी शुरुआत होगी। इसमें जाति के साथ ही यहां के लोगों का सामाजिक और आर्थिक संबंधित सर्वेक्षण भी किया जाएगा। इस सर्वे के लिए लोगों से दो दर्जन से अधिक सवाल पूछे जाएंगे। सवालों की इस प्रश्नावली को अंतिम रूप देने की कवायद में सामान्य प्रशासन विभाग जुट गया है। सरकार के स्तर पर इसकी प्रश्नावली पर अंतिम रूप से सहमति बनने के बाद जल्द ही गजट प्रकाशित कर दिया जाएगा। एक महीना में करना होगा यह सर्वे दूसरे चरण के सर्वे का काम करने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। इस सर्वे का काम मुख्य रूप से उन्हीं घरों में होगा, जिनकी पहले चरण के दौरान नंबरिंग हो चुकी है। नंबरिंग वाले घरों में प्रगणक पहुंच कर इनमें निर्धारित प्रश्नावली को लोगों से पूछकर जानकारी एकत्र करेंगे। इस आधार पर ही जाति गणना के साथ ही आर्थिक और सामाजिक सर्वे का काम भी पूरा किया जाएगा। की गणना छूटने पर होगी संबंधित कर्मी या पदाधिकारी पर कार्रवाई पहले चरण के तहत घरों की गणना करके उनकी नंबरिंग करनी है। अगर किसी स्थान या मोहल्ला में कोई घर या बसावट छूट जाते हैं या सड़क या नहर किनारे रहने वाले परिवारों की गणना नहीं की गयी है, तो इसके लिए दोषी संबंधित कर्मी या पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने इससे संबंधित निर्देश सभी जिलों को साफतौर पर जारी कर दिया है। जिन घरों या किसी भी तरह के बसावट में लोग रहते हैं, उनकी नंबरिंग किसी भी सूरत में छूटनी नहीं चाहिए। अगर ऐसी सूचना विभाग को मिलती है, तो इसके लिए दोषी पदाधिकारी को तुरंत शोकॉज किया जाएगा। ये सवाल मौजूद रहेंगे प्रश्नावली में जाति आधारित गणना का कार्य वही प्रगणक करेंगे, जिन्होंने पहले चरण में घरों और बसावटों की गिनती कर मकानों पर संख्या अंकित की है। इस दौरान लोगों से उनकी जाति विशेष के अलावा उनका नाम, वर्तमान पता, स्थायी पता, उम्र, पिता या पति का नाम, वैवाहिक स्थिति, कितने संतान हैं, शैक्षणिक योग्यता, आय का स्रोत क्या है, वार्षिक आय कितनी है, मकान अपना है या किराये पर, सामाजिक स्थिति, गाड़ी है या नहीं, अगर है, तो कौन सी है, कितने सदस्य हैं घर में, इनमें कितने लोग नौकरी करते हैं, सरकारी नौकरी से कोई रिटायर हैं या नहीं, सरकारी पेंशन का लाभ मिलता है या नहीं, किसी तरह के पेंशन का लाभ या अन्य किसी तरह की सरकारी योजना का क्या लाभ ले रहे हैं समेत अन्य तरह के प्रश्न पूछकर इन्हें एक निर्धारित फॉर्म में भरा जाएगा। इसके अलावा यह भी पूछा जाएगा कि अगर किन्ही के घर में कमाने वाला कोई एक ही है, तो उनके ऊपर आश्रित लोगों की संख्या कितनी है।
मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं की प्रायोगिक परीक्षा गुरुवार से हाई स्कूलों में शुरू हो गयी है।परीक्षा 21 जनवरी तक होगी। परीक्षा जिले के 474 स्कूलों में आयोजित हो रही है।इसमें 74,302 परीक्षार्थी भाग ले रहे हैं। इनमें, 37762 छात्राएं व 36,540 छात्र हैं।विज्ञान विषय में इंटरनल एसेसमेंट के आधार अंक दिये जायेंगे। वहीं, सामाजिक विज्ञान के लिटरेसी एक्टिविटी व प्रोजेक्ट वर्क होना है। जबकि ऐच्छिक विषयों गृह विज्ञान, ललित कला, संगीत, नृत्य व दृष्टि बाधित छात्र-छात्राओं के लिए संगीत विषय की परीक्षा हो रही है।
जिले में कुल नौ अंगीभूत व एक संबद्ध डिग्री कॉलेज है। इनमें, 6 अंगीभूत व एक संबद्ध कॉलेज का मूल्यांकन हो चुका है। जबकि तीन अंगीभूत कॉलेज डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा महिला कॉलेज, जेकेएलएनएम कॉलेज घोड़ासहन व डिग्री कॉलेज मधुबन का नैक से मूल्यांकन होना बाकी है। इनमें, डिग्री कॉलेज मधुबन वर्ष 2019 से संचालित है। एमएस कॉलेज का नैक मूल्यांकन का दो चक्र हो चुका है पूरा जिले में एकमात्र एमएस कॉलेज का नैक से दो चक्र मूल्यांकन का कार्य पूरा हो चुका है। वर्ष 2013 में इसका प्रथम मूल्यांकन में बी ग्रेड मिला था। दूसरा मूल्यांकन वर्ष 2019 में हुआ, जिसमें कॉलेज को सी ग्रेड मिला। वहीं, एलएनडी कॉलेज का वर्ष 2017 में पहला मूल्यांकन हुआ।जिसमें कॉलेज को 2.6 प्वाइंट के साथ बी प्लस ग्रेड मिला। जो जिले में सर्वाधिक है। यहां वर्ष 2022 नवंबर में दूसरा चक्र का मूल्यांकन होना था, जिसके लिए एक्यूएआर सब्मिट हो चुका है। इधर, एसएनएस कॉलेज में वर्ष 2017 में पहला मूल्यांकन हुआ था। जिसमें कॉलेज को बी प्लस ग्रेड मिला। यहां भी वर्ष 2022 में दूसरे चक्र का मूल्यांकन होना था। जिसके लिए फरवरी माह तक एक्यूएआर जमा करने की तैयारी चल रही है। जबकि, एसआरएपी कॉलेज बाराचकिया में वर्ष 2016 में नैक से पहला मूल्यांकन हुआ। जिसमें कॉलेज को बी ग्रेड मिला। इसी प्रकार केसीटीसी कॉलेज रक्सौल में वर्ष 2017 में पहले साइकिल का मूल्यांकन हुआ, जिसमें कॉलेज को सी ग्रेड आया था। जबकि, अरेराज के एमएसएसजी कॉलेज का वर्ष 2017 में पहला मूल्यांकन हुआ, जिसमें कॉलेज को बी ग्रेड मिला। वहीं संबद्ध डिग्री कॉलेज पंडित उगम पांडेय कॉलेज का वर्ष 2016 में पहला मूल्यांकन हुआ। जिसमें उसे सी ग्रेड मिला। नैक से मूल्यांकन क्यों है जरूरी कॉलेजों के विकास के लिए नैक से मूल्यांकन बेहद जरूरी है। मूल्यांकन के आधार पर ही कॉलेजों को यूजीसी व रुसा से ग्रांट मिलती है। मूल्यांकन नहीं होने पर उक्त राशि से कॉलेजों को वंचित होना पड़ेगा। मूल्यांकन के लिए यह है जरूरी एलएनडी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार के अनुसार, नैक से मूल्यांकन के लिए आधारभूत संरचना मसलन कॉलेजों में कमरे, क्लास रूम, लैब,लाइब्रेरी का बेहतर होना जरूरी है। इसके अलावे शिक्षकों की संख्या, छात्रों का प्लेसमेंट, व्यवसायिक शिक्षा, वाह्य स्रोत से कॉलेजों को आमदनी, शिक्षकों के रिसर्च वर्क, उनका प्रकाशन,अध्ययन के संबंध में छात्रों का फीडबैक आदि पारामीटर पर मूल्यांकन होता है।
मुरारपुर पंचायत के मुरारपुर बशीखा खेल मैदान में गुरुवार को जय मुरारपुर क्रिकेट क्लब के द्वारा क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। फाइनल लीग मैच का शुभारंभ संजय कुमार यादव राजद के जिला नेता सह अरेराज के प्रभारी ने गुरुवार को किया। संजय कुमार यादव ने बल्लेबाजी कर मैच का विधिवत शुभारंभ किया। मौके पर क्रिकेट टूर्नामेंट के अध्यक्ष गोलू कुमार, सचिव मंटू कुमार, रमेश राम ,ब्रज राम ,सतीश कुमार ,सचिन कुमार, गुड्डू कुमार तथा पूर्व सरपंच वीर बहादुर यादव उपस्थित थे।
मधुबन उच्च विद्यालय में गुरुवार को प्रखंड स्तरीय दक्ष खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उद्घाटन बीडीओ कुमारी सविता सिन्हा व प्रशिक्षु आरडीओ रजनीश कुमार ने किया। अंडर 14 क्रिकेट टूर्नामेंट गोपालपुर स्कूल बनाम मधुबन सेंट्रल स्कूल के बीच हुआ। इसमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोपालपुर की टीम 4 विकेट से बाजी मारी ली। अंडर 17 क्रिकेट टूर्नामेंट श्री विष्णु प्रगाश उच्च विद्यालय बनाम उच्च विद्यालय मधुबन के बीच हुआ। उच्च विद्यालय की टीम निर्णारित ओवर में 59 रन बनायी। श्री विष्णु प्रगाश उच्च विद्यालय की टीम 60 रन बनाकर 7 विकेट से बाजी मार जी। वॉलीबॉल का मैच उच्च विद्यालय व श्री विष्णु प्रगाश उच्च विद्यालय के बीच हुआ। उच्च विद्यालय की टीम 2-1 से जीत हासिल कर ली।
सिकरहना बड़हरवा लखनसेन टोला सरूपा निवासी उदय दूबे ने संजय दूबे, सुशील दूबे, मुन्नी देवी, शिवम दूबे, देवेन्द्र दूबे पर मारपीट कर जख्मी कर देने का आरोप लगाते हुए थाने में एफआईआर दर्ज करायी है। उन्होंने कहा है कि बीच बचाव करने आये उनकी पत्नी, भतीजा व भाई के साथ भी उनलोगों ने मारपीट की। उनकी पत्नी से जेवरात छिन लिया तथा घर में प्रवेश कर पच्चीस हजार रूपये नकद ले लिया। घर में ताला बंद कर घर से भगा दिया। मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है।
