पहाड़पुर के पश्चिमी सिसवा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह उर्फ टुन्नी सिंह से दस लाख रुपये रंगदारी मांगी गयी है। रंगदारी नहीं देने पर एके 47 से हत्या की धमकी दी गयी है। रंगदारी वीडियो कॉल कर मांगी गयी। पैक्स अध्यक्ष के बयान पर नगर थाने में बीस अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गयी है। पुलिस वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल कर र ही है। पैक्स अध्यक्ष श्री सिंह ने आवेदन में कहा है कि उनके अगरवा मोहल्ले स्थित डेरा के मोबाइल नम्बर पर 16 अप्रैल को वीडियो कॉल किया गया। वीडियो कॉल करने वाला अपना चेहरा छिपाया था। पत्नी रंजना सिंह को धमकी देते हुये बोला कि पति से रंगदारी की राशि भेजवा दो नहीं तो हत्या कर दी जायेगी। उसके बाद नॉर्मल कॉल कर भी रंगदारी मांगी गयी। इसके पूर्व वर्ष 2021 में भी उनसे रंगदारी मांगी गयी थी।
चांद शुक्रवार को देखा गया। इसके साथ ही शनिवारको ईद का त्योहार मनाया जाएगा। इसको लेकर शहर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी है। भीड़ से संध्या समय बाजार में जाम सा नजारा रहा। अदा की गयी अलविदा की नमाज मेन रोड स्थित जामा मस्जिद में अलविदा के नमाज अदा की गयी। इस दौरान मीना बाजार मुख्य पथ में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की। नमाज को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये थे। मुख्य पथ में वाहनों का परिचालन रोक दिया गया था। ईद की तैयारी पूरी ईद की तैयारी शुरू हो गयी। ईद को लेकर परिवार के बड़ों से लेकर बच्चों तक में एक गजब का उत्साह दिखने लगा है । दुकानों में टोपियों,सुरमा,इत्र तथा रेडिमेड वस्त्रत्तें की खरीदारी करने के लिए ग्राहकों की भीड़ दुकानों पर लगने लगी थी । सभी लोग अपने- अपने तरीके से ईद मनाने की तैयारियों में जुटे हुए थे । नमाजी टोपी व इत्र की डिमांड ज्यादा ईद को लेकर इत्र और टोपी की भी कई वैरायटी बाजार में बिक रही है। प्रमुख इत्र में मजमूआ, जनैतुल, फिरदोस, मुशक तथा आईस ब्लू जैसी कंपनियों के इत्र ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। बाजार में ग्राहकों के लिए इत्र पचास रुपये से लेकर तीन सौ रुपये तक उपलब्ध है। सुरमा की भी डिमांड बढ़ी सुरमा की मांग को देखते हुए दुकानदारों ने कई वेरायटी बाजार में उतारा है। सुरमा बाजार में दस रुपया से लेकर पचास रुपया तक बिक रही है। ईद को लेकर नगर सहित जिले की दुकानों पर नमाजी टोपियां एक से बढ़कर एक आकर्षक आयटमों में उपलब्ध है । नमाज के समय सिर ढंका होना चाहिए । इसके लिए लोग नमाजी टोपी पचास रुपये पीस से लेकर दो सौ रुपये पीस की दर से खरीदारी कर रहे हैं ।
त्योहार को लेकर मजिस्ट्रेट हुए तैनात ईद उल फितर पर्व के अवसर पर विधि व्यवस्था संधारण को लेकर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है। इसके अलावा पुलिस अधिकारी व पुलिस बलों की तैनाती की गयी है। पर्व के अवसर पर विशेष चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया है। सभी थानों में सांप्रदायिक गुंडा रजिस्टर अपडेट करने का निर्देश दिया गया है। विधि व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में संबंधित अनुमंडल के एसडीओ व डीएसपी रहेंगे। इसको लेकर डीएम व एसपी ने संयुक्त रूप से आदेश जारी किया है। ईद उल फितर पर्व के अवसर पर विधि व्यवस्था की मॉनिटरिंग वरीय अधिकारी करेंगे। इसको लेकर अनुमंडलवार वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। के लिए डीडीसी समीर सौरभ, सिकरहना अनुमंडल के लिए अपर समाहर्त्ता पवन कुमार सिन्हा ,चकिया अनुमंडल के लिए डीटीओ प्रमोद कुमार, पकड़ीदयाल अनुमंडल के लिए अपर समाहर्त्ता लोक शिकायत निवारण राजकिशोर लाल,रक्सौल अनुमंडल के लिए जिला भूअर्जन पदाधिकारी गणेश कुमार व अरेराज अनुमंडल के लिए डीएसओ पीके झा की प्रतिनियुक्ति की गयी है। पर्व के अवसर कार्यरत रहेगा नियंत्रण कक्ष पर्व के मद्देनजर जिला नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहेगा। इसको लेकर 06252-242418 दूरभाष नंबर जारी किया गया है। जिला नियंत्रण कक्ष के प्रभार में जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक निदेशक शशिभूषण तिवारी रहेंगे। नियंत्रण कक्ष मेंम पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट,6 पुलिस अधिकारी, 4-16 सशस्त्र बल व 5-20 लाठी बलों के अलावा एक सेक्शन अश्रु गैस दस्ता र्स्पोटिंग के साथ उपलब्ध रहेगा। इस नियंत्रण कक्ष में तैनात अधिकारी पुलिस बलों के वाहन के साथ तैयार रखेंगे। ताकि सूचना मिलने पर रवाना किया जा सके। जिला नियंत्रण कक्ष में अग्निशामक दस्ता व एंबुलेंस सहित मेडिकल टीम उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा सभी अनुमंडल में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। डीएम व एसपी ने जारी किया आदेश डीएम सौरभ जोरवाल व एसपी कांतेश मिश्र ने पर्व के मद्देनजर संयुक्त आदेश जारी किया है। अधिकारीद्वय के द्वारा निर्देशों का हर हाल में अनुपालन का आदेश दिया गया है।
शराब कांड का मुख्य धंधेबाज घटना के एक सप्ताह बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उत्पाद विभाग व जिला पुलिस की अलग-अलग टीम घटना के बाद से ही दिन रात छापेमारी कर रही है, मगर मुख्य धंधेबाज अभी भी फरार है। उत्पाद विभाग के करीब तीस पदाधिकारी व दो सौ से अधिक जवानों की अलग-अलग टीम लगातार विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर रही है, मगर छोटे-छोटे शराब धंधेबाजों व पियक्कड़ों के आलावा किसी बड़े शराब धंधेबाज को अभी तक नहीं पकड़ पायी है। हालांकि पुलिस मुख्य धंधेबाज की पहचान का दावा कर रही है, मगर जांच प्रभावित होने के चलते उसके नाम का खुलासा करने से परहेज कर रही है। 13 अप्रैल की रात हरसिद्धि थाना के मठलोहियार भक्ताहाँ टोला गांव में पिता-पुत्र की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई। 14 अप्रैल की सुबह परिजनों व ग्रामीणों ने शराब पीने से मौत होने की आशंका जताई, मगर प्रशासन डायरिया से मौत बताता रहा। 14 अप्रैल देर शाम तक पहाड़पुर, हरसिद्धि, तुरकौलिया, सुगौली व रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक लोग बीमार पड़े जिन्हें विभिन्न निजी व सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। देर रात तक करीब डेढ़ दर्जन लोगों की मौत हो चुकी थी। अभी भी करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। 13 अप्रैल की रात जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में पिता-पुत्र की संदिग्ध मौत हुई थी। जिसके बाद से मौत का सिलसिला शुरू हुआ और अबतक मृतकों की संख्या 45 तक पहुंच चुकी है। हालांकि सरकार संदिग्ध मौत को अब जहरीली शराब से हुई मौत मान चुकी है। मगर, घटना के एक सप्ताह बाद भी उत्पाद विभाग या जिला पुलिस मुख्य शराब धंधेबाज को पकड़ पाने में विफल रही है।
शराब कांड की दहशत से लक्ष्मीपुर में बीमार लोगो के परिजन काफी सशंकित हैं। उन्हे आगे भी अनहोनी की डर सता रहा है। ग्रामीण इलाके में कुछ लोग कह कर भय बना दिए हैं कि शराब का कुप्रभाव आगे भी रहता है। सभी बीमार इलाज कराकर घर लौट आए हैं। बीमार गरीब तबके के सभी मजदूर वर्ग के हैं। मजदूरी करने पर ही उनके घर का चूल्हा जलता है। बीमार होने से वे कमजोर हो गए हैं। उन्हे आर्थिक मदद की जरूरत है। ताकि जबतक मजदूरी करने नहीं जाते हैं ,तबातक उनके बच्चे के खाने की चिंता है। सामाजिक कार्यकर्ता किरण राम ने मांग किया है कि बीमार होने के बाद जो अस्पताल से घर आए हैं, उन्हे भी आर्थिक मदद दिया जाय। अस्पताल से आने वाले में रविंद्र राम, उमेश राम, रामेश्वर साह, विनोद पासवान, प्रमोद प्रसाद, संजय साह, ओम कुमार शामिल हैं।
ईद का त्योहार जैसे- जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे ही नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों तक खरीदारों की चहल-पहल बढ गयी है। ईद को लेकर मुस्लिम समुदाय के घरों में तैयारी अंतिम रूप में पहुंच चुकी है । सभी रोजेदार बेसब्री से ईद की प्रतीक्षा कर रहे हैं ।बाजारों में लोग एक से बढ़कर एक लजीज सेवईयों,नमाजी टोपियों ,इत्र व सुरमा की खूब खरीदारी कर रहे हैं । ईद पर्व को लेकर सेवई की दुकानें सज गयी हैं और ईद को लेकर खरीदारी भी शुरू हो चुकी है। ईद की मिठास हर कोई लजीज सेवईयो से पूरा करना चाहता है। जिसके लिए बाजार में लच्छा सेवई की कई आयटम मौजूद हैं । वैसे बाजार में कोलकाता की सेेवई की ज्यादा मांग है। इसके अलावे ईद को लेकर बाजार में शुद्ध घी के सेवई भी उतारे गए हैं। जो चार सौ रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। हल्दीराम का लच्छा दो सौ रुपये से लेकर साढे चार सौ रुपये तक बिक रहे हैं। । मेन रोड स्थित एक सेवई दुकानदार ने बताया कि सेवई की कई वैरायटी उपलब्ध है पर महिलाएं ज्यादातर हाथ से बनी सेवईयों को अधिक पसंद कर रही हैं।
चकिया आईसीआईसीआई बैंक लूटकांड में एसआईटी ने चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों के पास से लूट के दो लाख रुपये, टैब, हथियार, कारतूस, चार सेलफोन व मादक पदार्थ बरामद किया गया है। बैंक में प्रवेश कर लूट मचाने वाला बदमाश मुजफ्फरपुर के अहियापुर भिखनगर का निवासी है। एसपी कांतेश कुमार मिश्र का कहना है कि बैंक लूटकांड को बारह बदमाशों ने मिलकर अंजाम दिया था।वैसे बैंक के अंदर पांच बदमाश ही घुसे थे।उसके अन्य साथियों लाइनर, प्लान बनाने से लेकर आश्रय देने का काम किया था। सभी को चिन्हित कर लिया गया है। एसआईटी अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी के लिये छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार बदमाशों में मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाने के भिखनगर निवासी रंजीत कुमार कुशवाहा उर्फ त्रिवेदी, चकिया थाना क्षेत्र के हिन्दु चकिया मोहल्ले के अंकुश कुमार, मधुबन थाना क्षेत्र के डिहु टोला निवासी प्रदीप कुशवाहा उर्फ प्रभात कुमार व चकिया थाना क्षेत्र के रानीगंज मोहल्ले के कन्हैया कुमार शामिल है। बदमाशों के पास से देसी पिस्तौल, चार कारतूस, 1.5 किलोग्राम मादक पदार्थ, बैंक से लूटे गये दो लाख रुपये नगद, बैंक से लूटे टैब जिस पर आईसीआईसीआई का लोगो लगा, व बदमाशों के पास से चार सेलफोन बरामद किया गया।
जिले के 22 प्रखंडों के बच्चों को अभी और टेक्स्ट बुक की किताब का इंतजार करना पड़ेगा। अब तक सिर्फ पांच प्रखंडों में ही किताब की आपूर्ति हुई है। वह भी सिर्फ कक्षा छह के बच्चों के लिए ही किताब की आपूर्ति हुई है। इन प्रखंडों को हुई है आपूर्ति समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय के अनुसार,अभी जिले के पांच प्रखंडों के 15 हजार 181 बच्चों के लिए वर्ग 6 की किताब आयी है।इन प्रखंडों में बनकटवा, आदापुर,रामगढ़वा, रक्सौल व मेहसीशामिल है।इनमें, बनकटवा में हिन्दी का 1771 सेट व मिक्स 149 सेट, आदापुर में हिन्दी में 3548 सेट व मिक्स 694 सेट, मेहसी में हिन्दी 2813 सेट व मिक्स 71 सेट, रामगढ़वा में हिन्दी 2730 सेट व मिक्स 112 सेट, रक्सौल में हिन्दी 2999 सेट व मिक्स 294 सेट किताब उपलब्ध करायी गयी है। विभाग के अनुसार, बनकटवा प्रखंड के द्वारा किताब का वितरण गुरुवार को किया गया है। वहीं, शेष 22 प्रखंडों के बच्चों को अभी किताब के लिए इंतजार करना होगा। डिमांड के 70 प्रतिशत ही किताब हुई है आवंटित जितना किताब का डिमांड किया गया है, उसका 70 प्रतिशत ही आवंटित हुआ है। इस प्रकार जिले में करीब 10 लाख बच्चों के लिए किताब का डिमांड है। जिसका 70 प्रतिशत अर्थात जिले को 6 लाख 96 हजार 247 बच्चों के लिए अभी किताब मिलना है। कहते हैं डीपीओडीपीओ समग्र शिक्षा हेमचंद्र के अनुसार अभी जिले के पांच प्रखंडों को किताब आया है। किताब वर्ग 6 के बच्चों के लिए आया है। शेष प्रखंडों में भी जल्द किताब की आपूर्ति होगी।
सूबे के विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर शुरू हो रहे च्वाईस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) कोर्स में कई विषयों में कक्षाएं वीडियो के जरिए चलाई जाएंगी। उच्च शिक्षा निदेशालय इस पर काम कर रहा है। किताबें तैयार होने तक शिक्षक वीडियो मैटेरियल बनाकर इनसे पढ़ाएंगे। राज्य के उच्च शिक्षा सलाहकार प्रो. एनके अग्रवाल ने बताया कि सीबीसीएस के तहत जो भी नए कोर्स शुरू होंगे उनका स्टडी मैटेरियरल शिक्षक तैयार करेंगे। यही नहीं, उसकी ऑनलाइन कक्षा भी लेंगे। इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों से स्मार्ट क्लास की स्थिति की जानकारी मांगी गई है। स्मार्ट क्लास के अलावा विवि में तकनीकी सुविधाओं की क्या स्थिति है, इसका विवरण भी मांगा गया है। प्रो. अग्रवाल ने बताया कि स्नातक का सिलेबस बनाने के लिए गठित कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया है। सिलेबस तैयार करने के लिए राजभवन ने पांच कुलपतियों की कमेटी बनाई है। इस कमेटी के समन्वयक प्रो. अग्रवाल बनाए गए हैं। इसी सत्र से बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक का नया सिलेबस जारी होगा। 50 से अधिक कॉलेजों में नहीं है स्मार्ट क्लास बीआरएबीयू में 111 कॉलेज हैं जिनमें स्नातक की पढ़ाई होती है। इसमें 50 से अधिक कॉलेजों में स्मार्ट कक्षाएं नहीं हैं। वर्ष 2015 में नैक के मूल्यांकन के समय पीजी विभाग और कुछ कॉलेजों में स्मार्ट क्लास बनाए गए थे, लेकिन वह भी अब नहीं चलते हैं। स्मार्ट क्लास में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण नहीं दिया गया है और कर्मचारी भी नहीं हैं। विश्वविद्यायल के शिक्षकों ने बताया कि कॉलेजों में संसाधन की कमी है। ऐसे में हमलोग वीडियो से कक्षाएं कैसे लेंगे।
बीआरएबीयू के16 कॉलेजों का पहली बार होगा नैक बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के 16 कॉलेजों का पहली नैक मूल्यांकन होगा। इसकी जानकारी बीआरएबीयू के आईक्यूएसी निदेशक प्रो. कल्याण कुमार झा ने दी। उन्होंने बताया कि इन 16 कॉलेजों में तीन कॉलेजों ने आईआईक्यूए (इंस्टीट्यूशन इनफॉर्मेशन फॉर क्वालिटी असेसमेंट) का फॉर्म भर दिया है। जिन कॉलेजों ने आईआईक्यूए भरा है उसमें श्रीकृष्ण महिला कॉलेज मोतिहारी, सीएन कॉलेज साहेबगंज और जेएलएमएन कॉलेज घोड़ासहन शामिल है। बाकी कॉलेजों को 30 अप्रैल तक का समय दिया गया है। इसके अलावा 23 कॉलेज नैक की दूसरी साइकिल में जाएंगे। इन कॉलेजों का वर्ष 2015 में एक बार नैक हो चुका है। इन कॉलेजों को अपनी सालाना रिपोर्ट जमा करनी है।
