नाम - किशोर कुमार बर्णवाल ,उम्र -45 वर्ष
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सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
बिहार राज्य के जमुई जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता भीम राज जानकारी दे रहे हैं कि आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान पर्यवेक्षक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के नेतृत्व में दर्जनों फल देने वाले पौधे लगाए गए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
डीएम अभिलाषा शर्मा ने राष्ट्रीय पोषण माह के तहत छह महीने की उम्र पूरी करने वाले बच्चे का अन्नप्राशन करवाया। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में भेजने और गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के जमुई जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता भीम राज जानकारी दे रहे हैं कि सी. डी. पी. ओ. बिंदु द्वारा आंगनवाड़ी का निरीक्षण किया गया। जिसके दौरान उन्होंने केंद्र के बच्चों को योजनाओं का लाभ प्रदान करने का भी निर्देश दिया। आंगनवाड़ी द्वारा संचालित पोषण वाटिका में उगाई जाने वाली सब्जियों का पोषाहार में करने पर भी जोर दिया।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
दोस्तों, मोबाइलवाणी के अभियान क्योंकि जिंदगी जरूरी है में इस बार हम इसी मसले पर बात कर रहे हैं, जहां आपका अनुभव और राय दोनों बहुत जरूरी हैं. इसलिए हमें बताएं कि आपके क्षेत्र में बच्चों को साफ पानी किस तरह से उपलब्ध हो रहा है? क्या इसमें पंचायत, आंगनबाडी केन्द्र आदि मदद कर रहे हैं?आप अपने परिवार में बच्चों को साफ पानी कैसे उपलब्ध करवाते हैं? अगर गर्मियों में बच्चों को दूषित पानी के कारण पेचिस, दस्त, उल्टी और पेट संबंधी बीमारियां होती हैं, तो ऐसे में आप क्या करते हैं? क्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से बच्चों का इलाज संभव है या फिर इलाज के लिए दूसरे शहर जाना पड रहा है? जो बच्चे स्कूल जा रहे हैं, क्या उन्हें वहां पीने का साफ पानी मिल रहा है? अगर नहीं तो वे कैसे पानी का इंतजाम करते हैं?
दोस्तों, एक बार फिर से उन्हीं दिनों को जीने की कोशिश करते हैं अपने बच्चों के संग उनके बचपन को एक त्यौहार की तरह मनाते हुए हंसते हुए, खेलते हुए, शोर मचाते बन जाते हैं उनके दोस्त और जानने की कोशिश करते हैं इस बड़ी सी दुनिया को उनकी आंखों से | घर और परिवार ही बच्चों का पहला स्कूल है और माता पिता दादा दादी और अन्य सदस्य होते हैं उनके दोस्त और टीचर हो. साथ में ये भी कि बच्चों के दिमाग का पचासी प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है.