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जिला मधुबनी के खुटौना प्रखंड से चन्दू जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि देश में मजदुर की पलायन हो रही है।गरीबी,आर्थिक संकट से जूझते हुए कोई चारा नहीं दिखाई देने पर अपने गाँव,माता-पिता,पत्नी और घरवालों को छोड़ कर कही से कमा कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे है।हमारे भारत में बिहार सरकार की कई योजना जैसे गरीबी मिटाने,काम दिलाने की सरकार बात करती है लेकिन कुर्सी पाने के बाद से गरीब और गरीबों को सबसे निचले पावदानो में रखा जाता है।इसलिए हजारों लोग दूसरे शहर,देशों में जाने की पलायन जारी है।वही सरकार पंचायतो में मनरेगा के अंतर्गत स्वरोजगार देने की गारंटी देती है लेकिन भरस्ट सरकार,नेता,अधिकारी और जनप्रतिनिधियों द्वारा मनरेगा और पंचायत प्रखंडों में योजनाओं की रकम को हजम करने की परंपरा जारी है।इसलिए गरीब,शिक्षित बेरोजगारो की पलायन जारी है।
बिहार राज्य के नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड के गोरायपुर पंचायत से पूनम जी जीविका मोबाइल वाणी के माध्यम से अपनी संघर्ष की कहानी साझा कर रही है।जिसमें इन्होनें कहा कि जीविका मोबाइल वाणी पर इन्होने कई बार शौचालय के बारे में सुना और उस समय इन्हे बहुत शर्म आती थी लोगो को बताने में कि इनके घर पर शौचालय नहीं है।इनका कहना है कि पहले इनका घर मिटटी का था,इस कारण ये शौचालय नहीं बना पाईं।इनकी सी.एम प्रतिमा दीदी शौचालय बनवाने को लेकर बार-बार इन्हे प्रेरित करती रही और इन्होनें अपने घर वाले को भी बताया, पर उस समय कोई माना ही नहीं।घरवालों का कहना था कि खाने के लिए कुछ नहीं है और शौचालय कैसे बनाये।तब इन्होनें इस बारे में सी.एम दीदी से बात की और सी.एम दीदी ने बताया कि जीविका से पैसा लेकर इस काम को किया जा सकता है।फिर इन्होनें सी.एम दीदी से पैसे लेकर ईंटे मंगवाई और खुदाई भी शुरू कर दी।दिवार के ऊपर खड़पा लगा हुआ था,जो ये मोबाइल वाणी सुनते-सुनते उतारा करती थी।काम के दौरान ही इन्होनें मोबाइल वाणी पर शौचालय पर जानकारी सुना और तुरंत जाकर अपने पति को भी उस जानकारी को सुनाया।कार्यक्रम को सुनकर इनके पति जागरूक हुए और पूनम जी को शौचालय बनाने में मदद किये।आखिरकार अंत में आज ये शौचालय बनाने में सफल हुई।
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