छठ पूजा समाप्त होते ही शराबी शराब के नशे में भूत होकर गांव की गलियों और चौक चौराहों पर हो हल्ला करना प्रारंभ कर देता है जिसके कारण गांव की लड़कियां महिलाएं उसे रास्ते से गुजरा उचित नहीं समझता है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

छठ पूजा समाप्त होते ही परदेसियों का पलायन शुरू हो गया है छठ पूजा से एक सप्ताह पहले परदेसी अपना गांव आता है और गांव एवं गलियों की साफ-सफाई करता है अपने माता-पिता भाई-बहन चाचा चाचा एवं अन्य ग्रामीण से अपना आशीर्वाद प्राप्त करता है और छठ मनाने के बाद वह पुन अपनी प्रदेश की और कुछ कर जाता क्योंकि उसके साथ रोजी रोजगार का बहुत बड़ा प्रश्न है। ज़्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।

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लोकआस्था-सूर्याेपासना का चार दिवसीय महापर्व डाला छठ जमुई, गिद्धौर सहित संपूर्ण जिले में शांतिपूर्ण तरीके से सोमवार को संपन्न हो गया। रविवार शाम तथा सोमवार सुबह व्रतियों तथा श्रद्धालुओं ने शहर के विभिन्न छठ घाटों पर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। छठ महापर्व को लेकर संपूर्ण जिले भक्ति के माहौल में डूबा रहा। शहर में चारों ओर छठ मैया के गीतों की धुन सुनाई देती रही। स्थानीय किउल नदी के तट पर मनोरम दृश्य देखने को मिला। जहां लोगों ने खुले जल में भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया।

चार दिवसीय महापर्व का समापन उगते सूर्य को आज अर्पित करते ही शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया इस महापर्व को मनाने के लिए गांव के युवा वर्ग काफी मेहनत किया और अपने बलबूते लाइट एवं घाटों की साफ सफाई कर छात्रवृत्ति को हर संभव सुविधा देने का प्रयास किया छठ महापर्व के अवसर पर भी प्रशासन की नींद छठ घाटों के प्रति नहीं जग सहजन गांव की नवयुवकों द्वारा स्टेट हाईवे से लेकर नदी घाट तक आकर्षक लाइट एवं गेट की व्यवस्था किया गया ताकि छठ वृद्धि को किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं हो

गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत रतनपुर पंचायत के बना दी गांव निवासी नरेंद्र पाठक जी बता रहे हैं कि यह दिल्ली में एक गुटखा कंपनी में काम करते हैं जहां इसे 12 घंटे काम लिए जाते हैं और मात्र 8 से ₹9000 प्रतिमा दिए जाते हैं उसके बाद भी अगर कंपनी में काम अधिक होता है तो मजदूर को रोक कर रखा जाता है अगर अधिक रात में कंपनी से जब निकलते हैं तो कभी-कभी ऐसा भी होता है कि डेरा जाने के लिए बस नहीं मिलता है तो वैसी स्थिति में भूखे पास से कंपनी में जाकर सोना पड़ता है

गिद्धौर में डूबते सूर्य को छठ व्रतियो ने दिया अ‌र्ध्य, छठ घाटों पर सक्रिय रहे गिद्धौर पुलिस।

जमुई जिले भर के तमाम छठ घाट सज धज कर तैयार हो गया खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें

रतनपुर साह टोला में छठ घाटों की सफाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन युवाओं ने श्रमदान कर तैयार की छठ घाट, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रखंड प्रशासन का नहीं मिला सहयोग गिद्धौर प्रखंड के रतनपुर साह टोला में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रखंड प्रशासन की ओर से छठ घाट की साफ- सफाई अब तक नहीं कराए जाने से छठ वर्तीयो एवं स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है। यही नहीं अब लोग अपने स्तर से छठ घाटों की सफाई में जुट गए हैं। बता दे कि प्रखंड के रतनपुर साह टोला में छठ घाट की अव्यवस्था देखकर रविवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और क्षतिग्रस्त छठ घाट व साफ- सफाई नहीं होने से नाराज लोगों में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार की शाम तक छठ घाट की साफ- सफाई नहीं हो पाई थी। स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रखंड प्रशासन की उदासीनता के कारण ग्रामीणों ने चंदा कर जेसीबी मशीन लगाकर सफाई कार्य करना पड़ रहा है। सरकारी स्तर पर अभी तक घाटों को कोई देखने तक नहीं आया जिससे लोग नाराज है। वहीं रविवार को जनप्रतिनिधि के द्वारा घाट की साफ- सफाई में भेदभाव और अनदेखी के बाद टोले के युवाओं की टोली ने चंदा कर जेसीबी एवं श्रमदान कर छठ घाट का निर्माण किया।