बिहार राज्य के नालंदा जिला से संवाददाता रंजन कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कहा कि आज कल पुरे भारत देश में हम महिलाओं को देवी का रूप मानते है। लेकिन क्या हम उस देवी को इज्जत भरी निगाहों से देख रहे है ? नहीं। क्योंकि हर समाचारों में, अखबारों में बस यही सुनते है की महिलाओं के साथ या फिर किसी बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ है। मोदी सरकार के कानून बनने के बाद भी लोग खुले आम महिला या फिर छोटी बच्चियों को अपने हवस का शिकार बना रहें हैं। जैसे - जैसे साल बीत रहें है, उसी प्रकार बलात्कार का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। संवाददाता ने कहा कि अब तो घरों में भी बलात्कार की खबर मिलते रहती है। जिस कारण से महिला और छोटी छोटी बच्चियां बाहर तो बाहर घरों में भी अपने आप को सुरक्षित महसुस नहीं कर पा रहीं है। अगर ऐसा चलता रहा तो आने वाले समय में इसे रोकना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।
मोतीहारी की सी एम सुमन देवी ने महिला दिवस के सुभ औसर पर महिलाएं किस तरह से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ती हैं और किन किन चुनौती का सामना करना पड़ता है बताया।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
बिहार राज्य के सिकंदरा जिला से संवाददाता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि आठ मार्च को होने वाली अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। जो महिला अपने लक्ष्य में कीर्तिमान कर चुकी है। उन्हें सम्मानित भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगर महिला को सम्मान और सुरक्षा नहीं दी जायेगी, तो महिला दिवस मनाने से क्या लाभ होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज भी हमारे देश में महिलाओं के साथ घरेलु हिंसा, दहेज के प्रताड़ना करना इन सभी कारणो से महिला का शोषण किया जा रहा है, तो फिर महिला दिवस मानाने का क्या लाभ। भारत में महिलाओं के साथ जिस तरह अत्याचार हो रहा है, उन सभी महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा दी जाए, तभी अंतराष्ट्रीय महिला दिवस कहा जाएगा।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
