उत्तरप्रदेश राज्य के बदायू से अरूण मीणा मोबाइल वाणी के माध्यम से मजदुर दिवस की शुभकामनाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम सभी मजदूर हैं मतलब कि मजदूर का मतलब है कि जो व्यक्ति श्रम करता है वह मजदूर है, कोई छोटा मजदूर है, कोई दुनिया का बड़ा मजदूर है। हर चीज हर व्यक्ति एक मजदूर है, चाहे वह महिला हो या पुरुष, हम सभी मजदूर हैं, यानी हम सभी काम करते हैं, कोई कम काम करता है, कोई अधिक काम करता है, जिस तरह से एक इंजीनियर काम करता है, पहले वह पढ़ाई करता है, यानी वह काम करता है, फिर अपने पैर रखता है, फिर वह इंजीनियर बन जाता है, डिग्री प्राप्त करता है, फिर वह वहां काम करता है, कोई गंभीरता से काम करता है, कोई दिमाग से करता है।
-काल बनता बढ़ता तापमान, काम के दौरान 240 करोड़ श्रमिकों को करना होगा सामना -दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश श्रमिकों को मिनिमम वेजेस देने में 127 देशों से पीछे
उत्तरप्रदेश राज्य के पीलीभीत जिला के काशीराम कॉलोनी से अनुज कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे उन्हें रोजगार की जरूरत है इसके लिए उन्हें सहायता चाहिए।
महाराष्ट्र के जिला नागपुर से आदर्श श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि मजदुर की वजह से ही देश का विकास संभव है।
महाराष्ट्र के जिला नागपुर से आदर्श श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि राज्य सरकार मजदूरों को अनदेखा कर रही है
महाराष्ट्र के जिला नागपुर से आदर्श श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि राज्य सरकार मजदूरों पर ध्यान नही दे रही है
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उत्तर प्रदेश राज्य के लखनऊ जिला से रोहित श्रमिक वाणी के माध्यम से मजदूरों के बारे में बता रहे है।
महाराष्ट्र के जिला नागपुर से आदर्श श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि मजदुर की वजह से ही देश का विकास संभव है
महाराष्ट्र के जिला नागपुर से आदर्श श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि आज का दिन मजदूरों के नाम पर है, लेकिन मजदूरों की स्थिति को देखते हुए देश की प्रगति और देश की सत्तारूढ़ सरकार यही बता रही है। यह श्रम दिवस उन श्रमिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो वर्तमान में अपने किसी न किसी कार्य में लगे हुए हैं, जो श्रमिकों की प्रगति को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। जिस तरह से कुछ मजदूरों ने यहां अपनी विचारधारा के माध्यम से पुराने आंदोलन को आगे बढ़ाने की कोशिश की है मजदूर वे श्रमिक हैं जिनकी प्रगति के लिए इस देश में एक ओर देश की राज्य सरकार या सरकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, तो दूसरी ओर श्रमिकों के लिए बड़े-बड़े चुनाव हैं। समय पर दावे, वादे, लेकिन ये निर्णय मजदूरों को अधिकांश नौकरियां प्रदान करने में विफल रहे हैं। साथियों, मजदूर भी हैं, इसलिए देश में बड़ी-बड़ी इमारतें हैं। देश में बहुत काम है, देश का विकास है, लेकिन जो प्रगति मजदूरों के नाम पर है, जो कर्तव्य है, जो काम है, जो रोजगार है, जो कुछ भी मजदूरों के नाम पर है, जो सरकार यहां शासन करती है, उसे अपना नाम मिला है। यह सब कर रहा है और यह सब विकास को व्यक्त करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मजदूरों के बिना बड़े घर नहीं बन सकते हैं, बड़ी इमारतें नहीं बन सकती हैं, बड़ी इमारतें नहीं बन सकती हैं, लेकिन आप जिन घरों में रह रहे हैं, वे अक्सर मजदूरों के नाम पर होने चाहिए।
