झारखण्ड राज्य के सरायकेला जिला से विजय कुमार ने चैथ पर्व के बारे में बताया
दिल्ली से राजेश कुमार पाठक ने वैसाखी पर्व व अंतरजातीय विवाह के बारे में बताया
Transcript Unavailable.
महिलाओं की लगातार बढ़ती हिस्सेदारी और उसके सहारे में परिवारों के आर्थिक हालात सुधारने की तमाम कहानियां हैं जो अलग-अलग संस्थानों में लिखी गई हैं, अब समय की मांग है कि महिलाओं को इस योजना से जोड़ने के लिए इसमें नए कामों को शामिल किया जाए जिससे की ज्यादातर महिलाएं इसका लाभ ले सकें। दोस्तों आपको क्या लगता है कि मनरेगा के जरिए महिलाओँ के जीवन में क्या बदलाव आए हैं। क्या आपको भी लगता है कि और अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाना चाहिए ?
आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे डिजिटल बैंकिंग ऐप के बारे में।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
जिंदगी के हर पल खुशियों से कम न हो, आप के हर दिन ईद के दिन से कम न हो, ऐसा ईद का दिन आपको हमेशा नसीब हो, जी हां दोस्तों ईद-उल-फितर जिसे आप लोग मीठी ईद के नाम से भी जानते है।आज दुनिया भर में ईद का जश्न मनाया जा रहा है और लोग एक दूसरे के गले लग कर बधाइयाँ दे रहे है और खुशियाँ बाँट रहे है। रमजान के महीने से ही ईद के जश्न की तैयारी शुरू हो जाती है । बच्चों से लेकर बड़ों बूढों तक को ईद का इंतज़ार रहता है। ईद के मौके पर ईदी दिए जाने का रिवाज है। लोग अपने करीबियों को ईद की मुबारकबाद के साथ ईदी के रूप में तोहफे देते हैं ।नए कपड़े पहनते हैं, भव्य दावतें तैयार करते हैं।ईद मुस्लिम समुदाय के खास त्योहारों में से एक है और यह रमजान के आखिरी दिन सेलिब्रेट किया जाता है। ईद हमें एकता और आपसी सौहार्द का संदेश देता है और समृद्ध समाज बनाने के लिए प्रेरित करता है।लोग इसे उत्साह और बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं।तो आइये हम भी इस जश्न का हिस्सा बने और समाज में शांति-सद्भाव और अमन का सन्देश फैलाये। दोस्तों,मोबाइल वाणी परिवार की ओर से आप सभी श्रोताओं को ईद की ढेर सारी बधाईयाँ।
सिविल लाइंस, जो बनाया तो अंग्रेजों के लिए गया था लेकिन वह तो रहे नहीं सो अब हमारे काम आ रहा है। बेहद खूबसूरत, जगमगाती इमारतें, चौड़ी सड़कें, फर्राटा भरती गांडियां और सबकुछ इतना करीने से की घूमने के लिए अद्भुत जगह, मेरा खुद से देखा हुआ अब तक का सबसे शानदार दिलकश, बगल में कॉफी की महक उड़ाता इंडियन कॉफी हाउस। और ज्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
महाराष्ट्र के जिला नाथपुर से आदर्श श्रमिक वाणी के माध्यम से कि प्रौद्योगिकी विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिज़ाइन की गई है जो शिक्षित नहीं हैं, अशिक्षित हैं। इंटरनेट कंप्यूटर जैसे लोगों के लिए प्रौद्योगिकी नहीं बनाई गई है, हालांकि शिक्षा शिक्षा वाले लोगों के पास भी कंप्यूटर में एक पाठ्यक्रम है, लेकिन प्रौद्योगिकी के बारे में अधिकांश जानकारी नहीं है। अशिक्षित लोग इसे करने के लिए आगे आते हैं, लेकिन जिस शिक्षित व्यक्ति का कभी किसी तकनीक से कोई लेना-देना नहीं होता है, वह अपनी बुद्धि का उपयोग करके सारा काम करता है, लेकिन वे तकनीक का सहारा लेते हैं। षड्यंत्र का उपयोग किया जाता है और इसमें भी कुछ गड़बड़ है, ऐसा नहीं है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है, मानव बुद्धि काम करने के लिए सबसे अच्छी है, इसलिए मैं काम करना चाहता हूं।
