दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कंपनियों में काम करने वाले श्रमिक रमाकांत से हुई। रमाकांत कहते है कि मीटर के हिसाब से पानी मिलता है और पीने के लिए पानी का बोतल खरीदना पड़ता है। 100 रुपया मीटर का पैसा प्रति माह देना पड़ता है। महीने में पीने के पानी के लिए कुल मिला कर 600 रूपए खर्च हो जाते है। वे बताते हैं कि खारा जल के इस्तेमाल से कपड़े साफ़ नहीं होते ,नहाने से बाल झड़ते हैं ,पीने लायक भी नहीं होता है लेकिन भी इसके पैसे देने पड़ते हैं।
