दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से राजमिस्त्री रामपति से बात हुई। इन्होने बताया कि उनका काम प्रतिदिन नहीं चल रहा है। दिहाड़ी उन्हें 450 रूपए मिलता है। महीना पूरा होने पर उन्हें वेतन मिलता है। वो जहाँ काम करते है वही समीप में वो टेंट लगा कर रहते है जिससे उनका रेंट का पैसा बचता है। उन्हें काम के स्थान पर सुरक्षा के उपकरण उपलब्ध करवाए जाते है