हरियाणा राज्य से हमारे संवाददाता की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से सीटू के उपाध्यक्ष से हुई। ये कहते है कि श्रम कानून को बदल कर जो चार कोड बनाए गए ,इसमें कई श्रमिकों को दायरे से बाहर कर दिया गया है। सरकार ने श्रमिकों को गुलाम बनाने के लिए कानून को लाए है। सामाजिक सुरक्षा के कानून को बदल कर लेबर कोड में बदल दिया गया है।काम के घंटो को बदल कर 10 से 12 घंटे के कर दिए गए है ,जिसके वेतन नहीं दिए जाएगे । यह क़ानून श्रमिकों के हित में नहीं है,सरकार से इस बारे में उम्मीद भी नहीं की जा सकती है । सीटू पूरी तरह से श्रम कानून के ख़िलाफ़ है
