हरियाणा राज्य से हमारे संवाददाता की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रमिक से हुई। श्रमिक कहते है कि मज़दूरों के हित में श्रम क़ानून नहीं है। इसमें मज़दूर के लिए कोई बात नहीं है ,इससे मज़दूर का नुकसान ही है। कंपनी बिना पैसे दिए श्रमिकों को निकाल देती है ,यह गलत है। जब से लॉक डाउन लगा है तब से कंपनी मज़दूरों से उतने ही पैसे पर ओवरटाइम ले रही है,सरकार इसका फ़ायदा उठा रही है । यह गलत है कि श्रमिकों से मशीन के ख़राब होने पर पैसे काटे जाएगे। कई बार कंपनियों में मशीनें ख़राब रहती है,अगर नुकसान हो जाए श्रमिक का भी तो श्रमिक इसकी भरपाई नहीं कर सकता । सरकार को इस नियम को रद्द कर देनी चाहिए। कंपनी वाले अभी से श्रमिकों को पैसे नहीं देने व काम से निकालने की धमकी दे रहे है ,इस पर श्रमिकों को संगठन बना कर विरोध करना चाहिए। यह क़ानून श्रमिकों के बिलकुल भी लाभदायक नहीं है।
