उत्तर प्रदेश कानपूर से लज्जा राम साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि कंपनियों में काम कम से कई मजदूरों को अपने गाँव का रास्ता देखना पड़ रहा है। वहीँ मनरेगा के तहत भी मजदूरों को कार्य नहीं मिल रहा है।