दिल्ली एनसीआर से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से शम्भू से हुई। शम्भू कहते है कि वो दो सालों से गुरुग्राम में निवास कर रहे है। स्वास्थ्य पर बात करते हुए इन्होंने बताया कि जब भी बीमार होते है तो इलाज़ के लिए पहले क्लिनिक जाते है। वहाँ पर जाने से 300 से 500 रूपए का खर्च लग जाता है। साल भर में बीमारी को लेकर 15 से 16 हज़ार का ख़र्च बैठ जाता है। अगर सरकार ,संस्था आदि द्वारा अच्छे चिकित्सकों द्वारा ऑनलाइन चिकित्सा की व्यवस्था करे तो यह लोगों के लिए बहुत सहूलियत होगी। इसमें पैसे भी कम लगेंगे ,अच्छा दवा मिल जाएगी,चिकित्सकों की अच्छी सलाह भी मिल जाएगी ,कुल मिलकर कई तरह से बचत होगा।