गुरुग्राम से नन्द किशोर और इनके साथ एक मजदुर साथी बिनोद कुमार है वे साझा मंच के माध्यम से बताते हैं लॉक डाउन से पहले जिस कम्पनी में काम करते थे वहां से वेतन अच्छी मिलती थी जिससे परिवार चलाने में कोई परेशानी नहीं होती थी। लेकिन अब काम नहीं मिलने के कारण पैसों की दिक्क्त काफी हो रही है
