झारखंड से सर्वेश साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से प्रवासी मज़दूर नेता बीरबल पंडित से बात कर बता रहे हैं कि दूसरे राज्यों में काम कर रहे झारखंड के सत्तर से अस्सी प्रतिशत प्रवासी श्रमिक अपने घर वापस आ चुके हैं। गिरीडीह ज़िले से रोज़ एक से दो बस प्रवासी श्रमिकों को वापस काम पर बेंगलोर, मुम्बई, पूना इत्यादि जगहों पर लेकर जा रही है। बीरबल पंडित बता रहे हैं कि अब श्रमिकों की स्थिति बहुत ख़राब हो गयी है। कम्पनी के बुलावे पर वापस गए श्रमिकों को कार्यस्थल पर कोई सुविधा नहीं मिल रही है। वेतन भुगतान की भी कोई निश्चित व्यवस्था नहीं है। इसलिए भविष्य में उनकी वापसी निश्चित है।
