हरियाणा राज्य के बहादुरगढ़ से सतरोहन लाल कश्यप ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ठेकेदारी प्रथा के तहत श्रमिकों को अत्यधिक समस्या का सामना करना पड़ता है। जिसके तहत कंपनी अपनी सारी जिम्मेदारियों से बचते हुए ठेकेदार के नाम पर जिम्मेदारी छोड़ देती है और ठेकेदार श्रमिकों का वेतन भी पूर्ण रूप से नहीं देते हैं। अन्य सुविधाओं की बात करें तो एसआई -पीएफ जैसी सुविधाओं को देने से ठेकेदार मना करता है और कंपनी अपना पल्ला झाड़ कर यह कहती है श्रमिक ठेकेदार के अंतर्गत आते हैं इसलिए ठेकेदार से ही सारी समस्याओं के लिए संपर्क करें।इस कारण श्रमिकों को अत्यधिक समस्या का सामना करना पड़ता है।