गुरुग्राम से सोनू साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से श्रमिकों की बदहाली का ज़िम्मेदार राजनेताओं, अधिकारियों और उद्योगपतियों को मानते हैं। अगर सरकार सही कदम उठाए, तो उनकी स्थिति काफ़ी हद तक सुधार जाएगी। कम्पनियों में ठेकेदारी प्रथा से श्रमिकों का बहुत नुक़सान हो रहा है। सरकार को सख़्त फ़ैसला उठाकर इसे ख़त्म करना चाहिए। सरकार के तमाम दावों और प्रयासों के ज़मीन पर न उतरने की वजह से श्रमिकों, ठेले-पटरी पर दुकान लगाकर अपनी जीविका चलाने वालों की स्थिति बदतर है।
