झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से सुषमा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि युवा वर्ग में बढ़ती हिंसा की प्रवृति से लोगो में शोक ,चिंता और खौफ नजर आती है। युवा वर्ग की इस अपराध की घटनाओं से समाज ,संस्कृति ,सभ्यता और जनता पर काफी गहरा बुरा प्रभाव पड़ता है। आज के युवा वर्ग अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे है और उसी को लक्ष्य बना रहे है। अभी के युवाओ को उच्च शिक्षा के साथ उज्जवल भविष्य बनाने के साथ साथ एक अच्छे समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए। युवाओं में बढ़ते अपराध के कुछ कारण है जैसे कि आर्थिक तंगी ,बेरोजगारी ,शराब ,नशा ,पारिवारिक आभाव ,भरस्टाचार ,प्रशासन द्वारा अपराध को बढ़ावा देना और उनका संरक्षण मिलना। इन सब कमियों को दूर कर सरकार युवाओं में बढ़ते अपराध की प्रवृति को रोक सकती है।जिससे एक अच्छे समाज निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

Transcript Unavailable.

झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिला के विष्णुगढ़ प्रखंड से राजेश्वर महतो जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि क्षणिक सुख प्राप्ति के उद्देश्य की पूर्ति हेतु आज के युवा वर्ग अपराध को अंजाम दे रहे है। वे भुत ,भविष्य और वर्तमान काल को नहीं देखते है। पूंजीपति और बड़े आदमी बनने के चक्कर में किशोर गलत काम कर देते है।हाल ही में दो युवको द्वारा दो लाख की छिनतई की घटना को अंजाम दिया गया, जिसमे युवको की उम्र लगभग 15 से 19 वर्ष है।फ़िल्मी दुनिया में ऐसे ऐसे कारनामे दिखाए जाते है जिनसे आज के युवा वर्ग ज़्यादा प्रभावित है और समाज पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है।वर्तमान स्थिति में प्रेम प्रसंग मामलों में भी अपराध की घटनाये बढ़ गयी है।अत : इसे रोकने के लिए जरुरी है विद्यालयों में नैतिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाये। अभिभावको को अपने बच्चो को अच्छे संस्कार देना चाहिए।बच्चो को अच्छी संगती में रहना चाहिए, उन्हें बड़े बुजुर्गो की बात माननी चाहिए।अभिभावकों से अच्छा सम्बन्ध बनाने से ही बच्चो में अपराध की प्रवृति पर रोक लगायी जा सकती है।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से राजेस्वर महतो ने बताया की देश का भविष्य माने जाने वाला युवा वर्ग आज अपराध के दलदल में धंसता जा रहा है। आज बहुत कम युवाओं में भाग्य व कर्म के भरोसे रहने का स्वभाव पाया जाता है। अब युवाओं में न तो संस्कार है और न ही सहनशीलता। धन ही सब कुछ हो गया है। धन ही स्टेटस सिंबल बन गया है। आज का युवा वर्ग ढेर सारी भौतिक सुख-सुविधाओं के बीच जीवन व्यतीत करने का आदी हो चुका है और वह इससे भी ज्यादा भौतिक सुख-सुविधाएं हासिल करने की अंधी दौड में शामिल है। अपने लक्ष्य को पाने एवं शिखर पर पहुंचने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाने आतुर रहता है। उद्दंडता, उच्छृंखलता और अनुशासनहीनता आज बिल्कुल सामान्य हो गई है।साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, आधुनिक संस्कृति, मनोवैज्ञानिक एवं पारिवारिक कारक भी ऐसे हैं जो अपराध की ओर उन्मुख करते हैं।

झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कृष्ण कुमार जी ने बताया की बढ़ती बेरोजगारी से प्रदेश के युवक अपराध के दलदल में धंस रहे हैं।शानो शौकत भरी जिंदगी जीने की लालसा पाले युवक पढ़़-लिखकर नौकरी की तलाश में वर्षों भटकने के बाद जिंदगी की राह से भी भटकने लगे हैं।युवाओं के अभिभावक अथवा उनके परिवार वाले भी उनके आपरधिक मामले के गुनहगार है। क्योकिं वें तो बेटियों से पूछते है की वे कहाँ गई थी। परन्तु बेटों से ये सवाल परिवार वाले नहीं पूछते है। परिवार वाले को बेटों और बेटी दोनों को सामान नजर से देखे और परवरिश अच्छे से करे तो युवाओं में बढ़ते अपराध की प्रवीति कम हो सकती है।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.