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Nov. 24, 2017, 4:55 a.m. | Location: 10: JH, Hazaribagh, Bishnugarh | Tags: discussion   int-CP   agriculture   int-DT   MSP   | Category: Agriculture

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Nov. 23, 2017, 1:36 p.m. | Location: 10: JH, Bokaro | Tags: MNREGA-dova2   discussion   int-CP   int-DT   | Category: Govt Schemes->MNREGA->Grievance


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Nov. 24, 2017, 5:14 a.m. | Location: 10: JH, Hazaribagh, Bishnugarh | Tags: MNREGA-dova2   discussion   int-CP   int-DT   | Category: Govt Schemes->NRHM->Grievance

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बाल विवाह मुक्त झारखण्ड अभियान की आठवीं कड़ी में आइये हम सुनते हैं बाल विवाह से जुडी एक कहानी जिसका नाम है "बबली का सफर" इस कहानी में बबली और सुनीता दो सहेली अपनी दशवीं की परीक्षा का परिणाम आने पर बेहद खुश है।बबली अपने कक्षा में हमेशा अव्वल आती है। बबली पढ़ लिख कर नर्स बनना चाहती है। लेकिन बबली के परिवार वाले उसकी शादी करवाना चाहते हैं। इस बात से बबली बहुत दुःखी है, और वो अपने सहेली सुनीता से सारी बात कहती है। सुनीता के समझाने पर बबली की माँ उसे आगे पढ़ाने को तो राजी हो जाती है पर क्या बबली के पिता जी इस बात से राजी होंगे...? क्या पूरा हो पाएगा बबली का नर्स बनने का सपना जानने के लिए सुनते रहिये "बबली का सफर" दोस्तों क्या आपके अनुसार लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा का कोई महत्व है...? या फिर लड़कियों के लिए प्राथमिक शिक्षा ही काफी है।

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मोबाइल वाणी के माध्यम से निर्मल कुमार बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान कार्यक्रम के संदर्भ में बताते हैं कि, बाल विवाह का मुख्य कारण दहेज़ है, क्योंकि बेटियों के विवाह में दहेज़ देना पड़ता है जिसके डर से कन्या भ्रूण हत्या कराया जाता है।यदि दहेज़ प्रथा को समाप्त कर दिया जाए तो बाल विवाह में कमी आ जाएगी।वैसे तो लड़का और लड़की में कोई फर्क नहीं है। लेकिन दहेज़ देने के डर से बच्चों में भेदभाव किया जाता है। दहेज़ की मांग पूरी नहीं कर पाने के कारण कई घरों में बेटियों का विवाह सही समय पर नहीं हो पाता है।निर्मल जी अपनी कहानी बताते हुए कहते हैं कि, इनकी तीन बेटियां है जिनमें दो बेटियों की शादी किसी तरह से कर पाएं। लेकिन अब तीसरी बेटी जिसकी उम्र 36 वर्ष है, उसकी शादी दहेज़ के कारण नहीं कर पा रहें हैं। समाज में ऐसे कई लोग हैं, जो अधिक दहेज़ मांग के कारण अपनी बेटियों का विवाह समय पर नहीं कर पातें हैं।

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