मोबाइल वाणी के माध्यम से निर्मल कुमार बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान कार्यक्रम के संदर्भ में बताते हैं कि, बाल विवाह का मुख्य कारण दहेज़ है, क्योंकि बेटियों के विवाह में दहेज़ देना पड़ता है जिसके डर से कन्या भ्रूण हत्या कराया जाता है।यदि दहेज़ प्रथा को समाप्त कर दिया जाए तो बाल विवाह में कमी आ जाएगी।वैसे तो लड़का और लड़की में कोई फर्क नहीं है। लेकिन दहेज़ देने के डर से बच्चों में भेदभाव किया जाता है। दहेज़ की मांग पूरी नहीं कर पाने के कारण कई घरों में बेटियों का विवाह सही समय पर नहीं हो पाता है।निर्मल जी अपनी कहानी बताते हुए कहते हैं कि, इनकी तीन बेटियां है जिनमें दो बेटियों की शादी किसी तरह से कर पाएं। लेकिन अब तीसरी बेटी जिसकी उम्र 36 वर्ष है, उसकी शादी दहेज़ के कारण नहीं कर पा रहें हैं। समाज में ऐसे कई लोग हैं, जो अधिक दहेज़ मांग के कारण अपनी बेटियों का विवाह समय पर नहीं कर पातें हैं।