झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के तोपचांची प्रखंड से झारखण्ड मोबाईल वाणी के माध्यम से रविंद्र महतो बता रहे है कि वर्तमान समय में कुम्हारो की माली स्तिथि चिंताजनक है और सरकार के द्वारा ऐसे परिवारों को किसी भी प्रकार से वित्तीय लाभ नहीं दिया जाता है। लोगों का मिट्टी से बने खिलौने से मोहभंग होने लगा है, जिस कारण कुम्हारो की आय ना के बराबर है। जिससे वे ना तो अपना और ना ही आपने परिवार का भरण पोषण कर पा रहे है और उन्हें विभिन्न प्रकार के कठिनाइयों का सामना करना भी पड़ रहा है। कुम्हारो के लिए मिट्टी की भी काफी समस्या उत्पन्न हो गई है। उन्हें बर्तन बनाने बनाने के लिए दूसरे के खेतों से सम्पर्क कर मिट्टी लाना पड़ता है। जिसके लिए उन्हें काफी पैसे देने पड़ते हैं साथ ही क्षेत्र में कोयला के अभाव के कारण कच्चे बर्तन को पकने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिस कारण इन्हे भुखमरी के दौर से भी गुजरना पड़ता है। इसी कारण अब कुम्हार परिवार अपना पेशा को छोड़ इसका विकल्प ढूढ़ने में लगें है यदि सरकारी सहायता इन्हे प्राप्त हो साथ ही मिट्टी के बर्तन के उपयोग का लोगो के प्रति रुझान हो तो वे सम्भवता कुम्हारों का विकास सम्भव हो पायेगा।

झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से सुमंत कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि,सरकार के लाख प्रयास के बाद भी जरूरतमंद गरीब दिव्यांगजनों तक आज भी सरकारी योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। इसका मुख्या कारण यह है कि दिव्यांगों को मिलने वाले सरकारी लाभ विचौलियों द्वारा कागजी प्रतिक्रिया दिखा कर उनके लाभ का गमन कर लिया जाता है।दिव्यांगों में सूचनाओं का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है,क्योंकि इन्हे आने जाने में विभिन्न परेशानियों से गुजरना पड़ता है। पहले दिव्यांगजनों को सरकार के द्वारा ट्रेक साइकिल दिया जाता था।लेकिन इस भी विज्ञात कई वर्षो से बंद कर दिया गया। ऐसे में दिव्यांगों को आवागमन करने में विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है साथ ही दिव्यांगों को सरकार के द्वारा आरक्षण मिला है ,परन्तु जानकरी के अभाव में उन सुविधाओं का लाभ वे नहीं ले पाते हैं । दिव्यांगों के हौसले बढ़ने के लिए सरकार को विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध करना चाहिए और इन्हे स्वरोजगार के साथ-साथ धन राशि भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जिससे इन्हे किसी भी प्रकार के व्यवसाय करने में कठिनाइओं का सामना न करना पड़े और दिव्यांगजनों के लिए इनके शिक्षा की व्यवस्था उनके निकटतम स्थान में करना चाहिए क्योकिं वे अपनी निशक्त के कारण दूर के शिक्षण संस्थान में नहीं पहुँच पाते है, जिससे इनकी शिक्षा अधूरी रहा जाती है।

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झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के फुसरो से राजदेव कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से एक चुटकुला प्रस्तुत कर रहे हैं।

झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से मुकेज पंडित झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से एक मज़ेदार चुटकुला पेश किए हैं। जो इस प्रकार हैं: "एक आदमी घबराते हुए घर आया। पत्नी(पति से):क्या हुआ? पति(पत्नी से):मेरे ऑफिस की बिल्डिंग गिर गई ,सारे लोग दब कर मर गए। पत्नी:तो तुम कैसे बच गए? पति:मैं सिगरेट पीने बाहर निकल आया था। कुछ देर बाद.... टी.बी. पे न्यूज़ आया(प्रबंधन मृत व्यक्ति के परिवार वाले को मुआवजे के तौर पे 2-2 लाख़ रुपय देने की घोषणा की हैं ) पत्नी(पति की तरफ़ घूरते हुए ):तुम्हारे सिगरेट पीने की आदत मुझे कही का नहीं छोड़ी

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