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झारखण्ड राज्य के दुमका जिला के गोपीकांदर प्रखंड से शंकर राय झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि

झारखंड राज्य के हज़ारीबाग जिला के इचाक प्रखण्ड से टेक नारायण प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के मध्यम से बताते हैं की हमारा पर्यावरण पेड़ पौधों पर ही निर्भर है जिससे हमे धूप छाया बारिश फूल फल प्राप्त होता है .पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए धरती पर पेड़ों की आवश्यकता है .क्योकि पेड़ो से हमे विभिन्न तरह के लाभ मिलते हैं जो हमारे जीवन के लिए काफ़ी उपयोगी होते है यह देखा जाता है की कई क्षेत्रों मे इमारती वृक्ष से लोगों को फल फूल पत्ता तथा इमारती लकड़ियों की पूर्ति पेड़ पौधों से होता है साथ ही लोग इसका व्यपार कर लाखों रुपए की आमदनी भी कमाते हैं ओर आत्मनिर्भर भी होते हैं ग्रामीण क्षेत्रों मे लोग वनो से ओषधि,जड़ी बूटी, अन्य आवश्यकताओ की पूर्ति करते हैं. साथ ही जंगलो मे कई तरह के जीव जन्तु अपना भी कर निवास करते हैं

झारखंड राज्य के हज़ारीबाग जिला के विष्णुगढ़ प्रखंड से राजेश्वर महतो झारखंड मोबाइल वाणी के माध्यम से वन के महत्व के बारे मे बता रहे हैं।"वन है तो हम हैं" इसके आधार पर हमें वनों के संरक्षण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। पेड़-पौधे,ज़ीव-जन्तु सभी प्रकृति से जुड़े हुए हैं एवं वनों से प्राणियों का एक अलग ही संबंध हैं। इतना ही नही वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जीवन चक्र द्वारा सभी प्राणी पेड़-पौधों से जुड़े हुए हैं। खुद को सुरक्षित रखने हेतु हमें, वनों को संरक्षित रखना ज़रूरी है। क्योकि पेड़-पौधों से हमें कई लाभ हैं, जैसे सांस लेने हेतु ताज़ा हवा और तरह-तरह की आयुर्वैदिकऔषधियाँ इनसे ही प्राप्त होती है,जो पुरानी से पुरानी रोगों के इलाज मे कारगार साबित होती है। साथ ही घने वन वर्षा होने की संभावना बढ़ा देते हैं। एक तरफ जहाँ विष्णुगढ़ इलाक़े मे वन पधाधिकारियो के मिली भगत से वनों की कटाई ज़ोर-शोर से चल रही हैं,जिससे काफ़ी नुकसान होने की संभावना हैं .वहीं दूसरी तरफ इसी इलाक़े मे कुछ ग्रामीणों की लाभदायक सोच द्वारा पोधारोपण का कार्यक्रम शुरू किया गया है और आज अच्छी देखरेख के करते हुए ग्रामीणों ने बंज़्ज़र- खाली पड़ी भूमि पर भी हरयाली ला दी है। इस सन्दर्भ में सुझाव देते हुए इन्होने कहा कि पौधारोपण को बढ़ावा देते हुए हमें भी पेड़-पौधे अपने आसपास के इलाक़ो मे लगाना चाहिए। जिससे आस-पास के लोगों मे भी पौधारोपण की भावना उत्पन हो सके।वनों को सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य हैं।

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झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के पेटरवार प्रखंड से नागेश्वर महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से पेड़ का महत्व बताते हुए कहते हैं कि जीवन जीने के लिए शुद्ध हवा बहुत जरुरी है और शुद्ध हवा हमें पेड़ों से मिलती है .पेड़ पर्यावण सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण कड़ी है जो हमे शुद्ध ऑक्सीजन देते है तथा कार्बनडाइऑक्साइड को ग्रहण करते है, इसलिए पेड़ लगा कर पर्यावरण को सुरक्षित करना अति आवश्यक है . पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नागेश्वर महतो जी अपने पैतृक निवास में, अपने स्तर पर आम का बाग लगाएं हैं, जहाँ करीब 500 से अधिक छोटे बड़े इमारती एवं फलदार पेड़ पौधे हैं .साथ ही इन्होने पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ,अपने स्तर पर पर्यावरण सुरक्षा की ओर बढ़ते कदम अभियान भी चलाया है, जिसके तहत पेड़ लगा कर जीवन बचाने के लिए लोगों को उत्साहित करते हैं .पेड़ों से हमें औषधि दातुन पत्ता टहनी फल आदि की प्राप्ति प्रचुर मात्रा में होती है जिसका प्रयोग अपने दैनिक जीवन में करते हैं पेड़ हरियाली तथा शुद्ध हवा देकर कई पीढ़ियों से मददगार साबित हो रहा है .पेड़ों को लगाने एवं हरियाली बरकरार रखने के लिए,सरकार के द्वारा वन रोपण एवं समय समय पर कई कारगर अभियान चलाए जाते हैं लेकिन सरकार की यह प्रयास सफल नहीं हो पाती है क्योंकि वन विभाग सहित अन्य विभागों के सरकारी बाबू, पर्यावरण के प्रति कम एवं अपनी नौकरी के प्रति ज्यादा प्रतिबद्ध दिखते हैं, दूसरी और जनता में जागरूकता के अभाव के कारण पेड़ों की अंधाधुन कटाई की जा रही है.

झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला के दारू प्रखंड से बलराम शर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि पर्यावरण है तो हम सभी हैं,पर्यावरण को सुरक्षित एवं नियंत्रण में रखने के लिए, पेड़ पौधों एवं जीव जंतुओं को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए .यदि हम जंगल में रखने वाले जीव जंतुओं एवं पेड़ पौधों को नुकसान पहुँचाते हैं तो इसका खामियाजा हम सभी को भुगतना पड़ता है क्योंकि हरियाली को बरक़रार रखने में पेड़ पौधे एवं जीव जंतु एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं . पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए इन्होने कुछ सुझाव दिए जैसे - अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए ,जंगलों में कार्बनिक पदार्थों को नहीं जलाना चाहिए क्योंकि कार्बनिक पदार्थ जलने से वायु मंडल में कार्बन की मात्रा काफी बढ़ जाती है, जिसका बुरा प्रभाव पर्यावरण पर पड़ता है। साथ ही इन्होने बताया कि पेड़ों से हमें कई चीजों की प्राप्ति होती है, जैसे- फूल, फल,ईंधन, औषधि,महुआ,एवं लकड़ियां इत्यादि जिसका इस्तेमाल लोग अपने दैनिक जीवन में करते हैं। अगर पर्यावरण सुरक्षित रहता है तो मौसम का मिज़ाज भी ठीक रहता है। समय के अनुसार बारिश,गर्मी अनुकूल रूप से होती है .समय-समय पर सरकार द्वारा पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं .इसी के अंतर्गत हज़ारीबाग़ जिले में 2010 में कई हेक्टेयर पेड़ लगाए गए हैं जिसमे सीसम,गम्हार,अजवान इत्यादि पेड़ खास हैं.आज उस स्थान ने एक जंगल का रूप ले लिया है और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ जिले से रूस्तम खान मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वर्तमान युग में सुरक्षित पर्यावरण एवं भूमि संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौध रोपण करने की जरुरत है .संतुलित पर्यावरण के लिए पेड़ पौधे लगाना और उसे सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करना हर व्यक्ति का समाज के प्रति कर्तव्य है, क्योंकि मानव जीवन के प्राण वायु ऑक्सीजन ,हमें पेड़ पौधों से ही मिलती है.साथ ही पर्याप्त वर्षा और सुरक्षित मानव जीवन जीने के लिए हमें वृक्ष रोपण के साथ साथ पेड़ पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण पर जोर देना चाहिये, क्योंकि आज वृक्ष रोपण पर्यावरण को संतुलित रखने का एक मात्र उपाय है. फिर भी आए दिन यह देखा जाता है कि हर क्षेत्र में पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से की जाती है ,जिस पर सभी के जनसहयोग एवं लोगों में जागरुकता ला कर अंकुश लगा सकते हैं. इससे हम पेड़ों से हरियाली ला कर अपने क्षेत्र में खुशहाली ला सकते हैं ,इस प्रकार पौध रोपण एवं वृक्ष रोपण बहुत जरुरी है।

झारखंड राज्य के बोकारो ज़िला के जरीडीह प्रखंड से शिव नारायण महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि पेड़ और जंगल प्राकृतिक का दिया हुआ बहुत ही अनमोल और खूबसूरत तौफा है इसके बिना जीवन अधूरा है। सरकार द्वारा वृक्ष रोपण कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जा रहा है मगर जागरूकता के अभाव में लोग वृक्ष लगाने के बजाय वन को काटने में लगे हैं स्कूल कॉलेज एवं सरकारी दफ्तरों में अधिकारी बस 2-4 पेड़ लगाते हुए अपनी तस्वीर खिंचवा कर वृक्ष रोपण कार्यक्रम सम्पन्न कर देते हैं। आज ज़रूरत है कि पर्यावरण के बारे मे सभी लोगों को जागरूक करने की। साथ ही सभी को यह समझाना होगा कि वृक्ष और हरे भरे वन हमारे लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की सांस लेने के लिए फेफड़े। वन जल सोधन के रूप मे भी कार्य करते हैं, वन क्षेत्र मे ठंडी हवा मंद गति से बहती है तो लोग अपने आप को काफ़ी तरो ताज़ा ओर प्रसन्न महसूस करते हैं। उन्होंने प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा सड़कों के किनारे वृक्ष लगाना चाहिए क्योंकि वृक्ष प्रदूषण को कम करती है तथा अधिक वर्षा होने मे भी मदद करती है। वन संरक्षण होना बहुत ज़रूरी है,क्यूंकि वन पर्यावरण के संरक्षक होने के साथ-साथ प्राकृतिक जीवन के मुख्य आधार भी हैं