झारखंड राज्य के हज़ारीबाग जिला के विष्णुगढ़ प्रखंड से राजेश्वर महतो झारखंड मोबाइल वाणी के माध्यम से वन के महत्व के बारे मे बता रहे हैं।"वन है तो हम हैं" इसके आधार पर हमें वनों के संरक्षण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। पेड़-पौधे,ज़ीव-जन्तु सभी प्रकृति से जुड़े हुए हैं एवं वनों से प्राणियों का एक अलग ही संबंध हैं। इतना ही नही वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जीवन चक्र द्वारा सभी प्राणी पेड़-पौधों से जुड़े हुए हैं। खुद को सुरक्षित रखने हेतु हमें, वनों को संरक्षित रखना ज़रूरी है। क्योकि पेड़-पौधों से हमें कई लाभ हैं, जैसे सांस लेने हेतु ताज़ा हवा और तरह-तरह की आयुर्वैदिकऔषधियाँ इनसे ही प्राप्त होती है,जो पुरानी से पुरानी रोगों के इलाज मे कारगार साबित होती है। साथ ही घने वन वर्षा होने की संभावना बढ़ा देते हैं। एक तरफ जहाँ विष्णुगढ़ इलाक़े मे वन पधाधिकारियो के मिली भगत से वनों की कटाई ज़ोर-शोर से चल रही हैं,जिससे काफ़ी नुकसान होने की संभावना हैं .वहीं दूसरी तरफ इसी इलाक़े मे कुछ ग्रामीणों की लाभदायक सोच द्वारा पोधारोपण का कार्यक्रम शुरू किया गया है और आज अच्छी देखरेख के करते हुए ग्रामीणों ने बंज़्ज़र- खाली पड़ी भूमि पर भी हरयाली ला दी है। इस सन्दर्भ में सुझाव देते हुए इन्होने कहा कि पौधारोपण को बढ़ावा देते हुए हमें भी पेड़-पौधे अपने आसपास के इलाक़ो मे लगाना चाहिए। जिससे आस-पास के लोगों मे भी पौधारोपण की भावना उत्पन हो सके।वनों को सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य हैं।