झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के बाघमारा प्रखंड से बीरबल महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं, की वायु प्रदुषण एक घातक बिमारी है और हम सब के लिए खतरे की घंटी है जिसे रोकना हमारा कर्तव्य ही नहीं बल्कि जरुरी भी है विगत वर्ष ही देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदुषण अत्यधिक बढ़ गए हैं।अतः इसे रोकने के लिए हरेक व्यक्ति को एक पेड़ अवश्य लगानी चाहिए। प्रदुषण पर हमें रोक लगाने की आवश्यकता है,इसके लिए लोगों को कम से कम एक पेड़ लगाना चाहिए और साथ ही साथ शादी पार्टी में पटाखे कम जलाने चाहिए क्यूंकि पटाखों से वायु प्रदुषण अधिक होता है, और जिससे अनेक तरह की रोगों का सामना करना पड़ता है जैसे, दमा,खांसी,जॉन्डिस जैसी बीमारियां उत्पन्न होती हैं। अतः उन्होंने छोटी सी कविता के माध्यम से कहा है सुनो भाइयों सुनो बहनों मुझको है यही कहना वायु प्रदुषण से बच के है रहना,पटाखे से रहो दूर जिंदगी में खुशियां पाओग भरपूर।यदि लगाओगे पेड़ पौधे और जंगल निश्चित होगा हमारा मंगल,प्रदुषण है ऐसा चोर बिमारी फैलाता चारो ओर।वायु प्रदुषण जीवन के लिए खतरे की घंटी है इसे रोकना हम सब का जरुरी भी है। बीरबल ने बताया की विगत वर्ष ही देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदुषण अत्यधिक बढ़ गए हैं।इसे रोकने के लिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगानी चाहिए।
झारखण्ड राज्य के धनबाद जिले विष्णुगढ़ से राजेश्वर महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं, की वायु प्रदुषण पुरे विश्व की एक गंभीर समस्या बन गई है, वायु मानव की एक प्रकृति प्रकट एक निःशुल्क उपहार है। वायु प्रदुषण के कारण मानव का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। वायु प्रदुषण को रोकने के लिए बढ़ती जनसँख्या पर नियंत्रण करने की जरुरत है। दिल्ली ही नहीं देश के बड़े बड़े शहर भी इस जटिलसमस्या से जूझ रहे हैं। इसे नियंत्रण के लिए सड़क,नहर,रेलकी पटरी के बगल में बरगद,एलोवेरा,और पेड़ पौधे लगाने की आवश्यकता है। इससे वायु प्रदुषण नियंत्रण हो सकता है।क्योंकि इन पेड़ पौधे, वाहनों से निकलता कच्चा धुंवा,और भी जहरीली गैस को अवशोषित कर शुद्ध हवा ऑक्सीजन प्रदान करती है.तथा लोगों को प्रकृति पर ज्यादा छेड़ छड़ नहीं करनी चाहिए। इससे बहुत से खतरनाक बीमारियां जैसे स्वाइनफ्लू,कैंसर,टीवी,चर्मरोग हो सकती है। सोलह प्लेट वाला वाहन चलाने से दिल्ली में वायु प्रदुषण नियंत्रण को रखा जा सकता है,तथा दिवाली,छठ अन्य समारोह में पटाखों के स्टेंस्ल पर नियंत्रण होगा तभी वायु प्रदुषण से छुटकारा पाया जा सकता है। शहरों का विस्तार बढ़ते वाहनों तथा मनुष्य की विलासिता सम्बन्धी चीजों पर सोच समझ कर उपयोग करने पर रोक लगाने के लिए सभी देश वाशियो को विचार विमर्श करने की जरुरत है। वायु प्रदुषण पर निवारण नियंत्रण अधिनियम 1981 में पारित कर इसे सख्ती से पहल करने की जरुरत है।साथ ही केंद्रीय प्रदुषण नियंत्रण बोड सिर्फ कागजों में ही नहीं रहें बल्कि धरातल पर भी उतरें।और वायु प्रदुषण पर निवारण पर जागरूकता अभियान चलाएं।
झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिले से गांव रंगा मोदी चौक थाना मोहनपुर मेग्निदीह से दिलीप कुमार यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि वो एक दृष्टि वादी विद्यार्थी हैं जो कडक्कुन बघमाड़ा जेसीबी देवघर में पढ़ाई करते हैं,और उनका कहना है की यदि गांव या शहर में कोई लड़के या लड़कियां हैं जो पढाई नहीं कर पा रहे हैं उन्हें कडक्कुन बाघमाडा जेसीबी देवघर पहुंचाया जाए ताकि वो अपनी पढाई पूरी कर सकें और अपने आने वाले जिंदगी को संवार सकें।
झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से सुमंत कुमार बता रहे है ,कि बढ़ते हुए वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए पलास्टिक कूड़े आदि को जलाने से बेहतर है। इसके लिए पुनरावृत्ति प्रक्रिया की व्यवस्था की जाये। जिससे निकलने वाली खतरनाक गैस से होने वाली वायु प्रदूषण को ख़त्म किया जा सके। दिन प्रतिदिन बढ़ते वायु प्रदूषण से गंभीर बिमारियों का शिकार हो रहे लोगों को बचाने के लिए। हम सभी को वायु प्रदुषण को रोकने के लिए जागरूक होने की जरुरत है । बढ़ती जनसख्याँ के कारण दिन प्रतिदिन पेड़ों की भी जनसख्याँ घटती ही जा रही है। ऐसे में हम सभी को इस पर नियंत्रण करना जरुरी हो गया है साथ ही हमें कल-कारखाने से निकलने वाले धुओं को रोकने का प्रयास करना चाहिए।
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