The speaker suggests using CapCut app to solve audio recording issues.

The speaker explains the process and required documents to make Aadhaar and UDID card.

Information of Misuse of documents during election

Appreciation for Sanjib Kumar Mondal

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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला सुरक्षा के लिए व्यवस्थाएं की गई है। जैसे पहला,सेफ सिटी प्रोजेक्ट।सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित बनाने हेतु प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे का उपयोग करना। दूसरा,मिशन शक्ति संबल और समर्थ्य के तहत महिलाओं के लिए एकीकृत सहायता। तीसरा, नारी अदालत।ये परियोजनाएं राज्य सरकार के सहयोग से लागू की जाती है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से टेकलाल यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि प्रमुख महिला सुरक्षा योजनाएं इस प्रकार है - पहला,वन स्टॉप सेंटर। हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे कानूनी चिकित्सा और परामर्श सहायता प्रदान करना।दूसरा,महिला हेल्पलाइन 181 चौबीस घंटे आपातकालीन सेवा, तीसरा, निर्भया फंड परियोजना है। महिला सुरक्षा के लिए पुलिस में तकनीकी सुधार साइबर फोरेंसिक लैब और महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से मोहसिन मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत सरकार महिलाओं की सुरक्षा,सशक्तिकरण और हिंसा से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति के तहत वन स्टॉप सेंटर,महिला हेल्पलाइन 181 और सिटी प्रोजेक्ट जैसी प्रमुख परियोजनाएं चला रही है। इन पलों के तहत आपतकालीन सहायता , कानूनी सलाह और पुलिस सहायता प्रदान की जाती है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से रंजनधर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि चाहे आप दोस्तों या परिवार से बात कर रहे हों या किसी संगठन से जुड़े हों,एक सशक्त समर्थक बनने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है - आवाज उठाना। महिलाओं के अधिकारों और लैंगिक समानता के लिए आवाज उठाकर आप जागरूकता फैला सकते हैं और बाधाओं को दूर कर सकते हैं

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए कई सुधार किए गए। जैसे - सती प्रथा उन्मूलन विधवा पुनर् विवाह और महिला शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना उन सुधारों में शामिल था। हालांकि ये सुधार मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों और कुछ वर्ग तक सीमित रहे। स्वंतत्रता संग्राम के दौरान महिलाओं ने सामाजिक और राजनीतिक रूप से संगठित होकर अपनी भूमिका को पुनस्थापित किया