झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला सुरक्षा के लिए व्यवस्थाएं की गई है। जैसे पहला,सेफ सिटी प्रोजेक्ट।सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित बनाने हेतु प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे का उपयोग करना। दूसरा,मिशन शक्ति संबल और समर्थ्य के तहत महिलाओं के लिए एकीकृत सहायता। तीसरा, नारी अदालत।ये परियोजनाएं राज्य सरकार के सहयोग से लागू की जाती है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से टेकलाल यादव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि प्रमुख महिला सुरक्षा योजनाएं इस प्रकार है - पहला,वन स्टॉप सेंटर। हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे कानूनी चिकित्सा और परामर्श सहायता प्रदान करना।दूसरा,महिला हेल्पलाइन 181 चौबीस घंटे आपातकालीन सेवा, तीसरा, निर्भया फंड परियोजना है। महिला सुरक्षा के लिए पुलिस में तकनीकी सुधार साइबर फोरेंसिक लैब और महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से रंजनधर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि चाहे आप दोस्तों या परिवार से बात कर रहे हों या किसी संगठन से जुड़े हों,एक सशक्त समर्थक बनने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है - आवाज उठाना। महिलाओं के अधिकारों और लैंगिक समानता के लिए आवाज उठाकर आप जागरूकता फैला सकते हैं और बाधाओं को दूर कर सकते हैं
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए कई सुधार किए गए। जैसे - सती प्रथा उन्मूलन विधवा पुनर् विवाह और महिला शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना उन सुधारों में शामिल था। हालांकि ये सुधार मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों और कुछ वर्ग तक सीमित रहे। स्वंतत्रता संग्राम के दौरान महिलाओं ने सामाजिक और राजनीतिक रूप से संगठित होकर अपनी भूमिका को पुनस्थापित किया
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय महिलाओं से सम्बंधित विभिन्न कानूनों का प्रशासन करता है। जैसे- घरेलू हिंसा,महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम 2005, दहेज निषेध अधिनियम 1961,महिलाओं का अशिष्ट चित्रण (निषेध) अधिनियम 1986,कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) कानून, 2013 सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करता है।
दिल्ली के जहांगीरपुरी से देवंती ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनको दुर्गेश के साथ जुड़े बहुत दिन हो गए हैं।मोबाइल वाणी से जुड़कर यह समझ में आया कि प्रॉपर्टी में हिस्सा होना क्यों जरुरी होता है।साथ ही महिला के नाम प्रॉपर्टी होने का महत्व इन्होने अपने पति को भी समझाया।फिर,इनके पति ने 2025 में एक फ्लैट इनके नाम से ख़रीदा।यह जानकर देवंती बहुत ख़ुशी हुई। खुद के नाम फ्लैट होने से इनका आत्मविश्वास बहुत बढ़ गया है। मोबाइल वाणी के योगदान के लिए इन्होने धन्यवाद दिया।
दिल्ली से नेहा सोनकर ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि दुर्गेश और मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी दी गई थी कि लड़कियों के लिए जमीन में हिस्सा होना जरुरी है तथा उनकी भी हिस्सेदारी होनी चाहिए।इससे लड़कियों के अंदर आत्मविश्वास जगता है और उनका भविष्य सुरक्षित हो जाता है।नेहा ने अपने पिता के सामने अपने हक़ की बात रखी एवं भाइयों के साथ खुद के लिए भी प्रॉपर्टी का कुछ हिस्सा होने की इच्छा जाहिर की।पिता ने इनकी बातों को समझा और बात को सही तरीके से समझा।पिता ने माना कि बेटियों के नाम सम्पत्ति में हिस्सा होना चाहिए।फलस्वरूप हाल ही में इनके पिता ने जमीन ख़रीदा था। इस जमीन में भाइयों के साथ नेहा को भी एक हिस्सा मिला।भाइयों के साथ नेहा के पास भी जमीन का एक हिस्सा होने पर नेहा बहुत खुश हैं।मोबाइल वाणी के योगदान के लिए उन्होंने धन्यवाद दिया।
दिल्ली के जहाँगीरपुरी से दुर्गेश श्रमिक वाणी के माध्यम से कहती है कि वो पिछले चार साल से मोबाइल वाणी में काम कर रही है। इन्होने प्रॉपर्टी के प्रोजेक्ट में काम किया और लोगों को जानकारी दी कि महिलाओं के नाम प्रॉपर्टी होना क्यों ज़रूरी है।महिलाओं और बच्चों का भविष्य के लिए प्रॉपर्टी क्यों ज़रूरी है इसकी जानकारी दी। इसके बाद इनके पति ने वर्ष 2024 में एक मकान खरीदा।दुर्गेश ने अपने पति को बताया कि अगर पत्नी के नाम प्रॉपर्टी होगा तो रजिस्ट्री में एक से डेढ़ लाख बच जाता है। जिसके बाद ससुर के इंकार करने के बावजूद भी पति ने प्रॉपर्टी पत्नी के नाम करवाया। अब दुर्गेश को अपनी जिंदगी सुरक्षित लगती है। अगर आगे कुछ होगा तो इनके पास एक छत्त रहेगा और बच्चों को दर दर भटकना नहीं पड़ेगा।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से 18 वर्षीय अस्मित कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जमीन पत्नी के नाम भी होनी चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के श्रीदत्तगंज प्रखंड के ग्राम गुमड़ी से 30 वर्षीय मुन्नी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं के नाम जमीन होनी चाहिए
