बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पूजा कुमारी से हुई। पूजा कुमारी यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलने से बहुत फायदा होता है। अधिकार मिलने से वह अपने बच्चों का पालन पोषण अच्छे से कर सकती हैं। लेकिन सास जमीन में अधिकार नहीं देना चाहती हैं । अगर जमीन में अधिकार लेना है तो उनसे लड़ाई कर के ही ले सकती हैं।
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से लोकेश रंजन ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कृषि विकास और ग़रीबी उन्मूलन का एक महत्वपूर्ण साधन हो सकती है लेकिन कई देशों में यह क्षेत्र कमजोर प्रदर्शन कर रहा है जिसका एक कारण है यह की महिलाएं जो अक्सर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक महत्पूर्ण साधन हो सकती है।लेकिन कई देशों में यह क्षेत्र कमजोर प्रदर्शन कर रहा है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से अर्जुन मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला किसान के समक्ष कई चुनौतियाँ होती हैं।जैसे - घर के काम,बच्चों की देखभाल और पानी ईधन,जुटाने की जिम्मेदारी भी महिलाओं पर होती है। जानकारी और शिक्षा की कमी भी एक वजह है। साक्षरता की निम्न दर और पुरुष प्रधान कृषि विस्तार सेवाओं के कारण उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी कम मिल पाती है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भूमि स्वामित्व का अभाव में अधिकांश महिलाओं के पास उनके नाम पर जमीन नहीं होती है। जिसे वे लोन या सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऋण और संसाधनों तक सीमित पहुंच -इसमें बैंक लोन ,खाद उन्नत्ति बीज और यंत्रीकरण तक उनकी पहुंच पुरुषों की तुलना में बहुत कम है। अवैध तकनीक श्रम और असमान वेतन -वे खेतों में सबसे कठिन काम जैसे की रोपाई,निराई ,कटाई ,जुताई करती हैं। लेकिन उन्हें अक्सर किसान के रूप में मान्यता नहीं मिलती है और समान काम के लिए पुरुषों से कम वेतन भी मिलता है
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला के श्रीदत्तगंज प्रखंड के गुमड़ी प्रखंड से 23 वर्षीय अनन्या मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं के नाम जमीन होनी चाहिए
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारत में महिला किसान को भूमि स्वामित्व के अभाव में लोन और उन्नत कृषि तकनीकों तक सिमित पहुँच समान मजदूरी न मिलने और पारिवारिक घरेलू जिमेदारियों की बोझ जैसी प्रमुख्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वे अक्सर अकुशल श्रम और मौसमी बेरोजगारी से भी जूझती हैं
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि सबुर मिशा ने बताया कि इनके पिता द्वारा इन्हें जमीन मिला है। इससे वो खुश है। साथ ही इन्हे किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमज़ान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि साउघाट प्रखंड निवासी नाज़मा ने बताया कि इनके पति ने नाजमा के नाम से ज़मीन लिया ,खेत लिया ,रजिस्ट्री करवाने में पैसे भी कम लगे। बस एक समस्या आ रही है कि केवाईसी भी अपडेट है ,सब चीज़ सही रहने के बावजूद किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है।
