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दिल्ली के सुन्दर नगरी से श्रोता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से महिला संपत्ति अधिकार पर राय साझा किया।श्रोता ने बताया कि महिलाओं को ससुराल या मायके से हक़ नही मिलता है।महिलाओं को भी अपनी ज़िन्दगी अच्छे से गुजारने का अधिकार है
बिहार राज्य के जमुई ज़िला के गिद्धौर प्रखंड के पटसँदा पंचायत के भोजपुरिया गांव से रंजन की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से पूर्व वार्ड पार्षद डब्लू पंडित से हुई। डब्लू पंडित कहते है कि महिलाओं के नाम भूमि मिलने से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। पुरुष के नाम जमीन होने से वो अपने अनुसार जमीन को रखते है। महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए। समाज पुरुष महिला के मेल से चलता है। जमीन महिला को मिलने के बाद भी पुरुष का सहयोग ज़रूरी है।जमीन मिलने से समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा और मानसिक बदलाव होगा। पहले से महिलाओं में बहुत सुधार हुआ है। जमीन में नाम होने से पहले के मुकाबले महिला खुद आत्मनिर्भर बन जाएगी। इससे महिला का मान सम्मान बढ़ेगा। महिला घरेलु हिंसा व प्रताड़ना से भी बचे रहेगी। महिला के पास जिम्मेदारी आ जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से फिरोज से साक्षात्कार लिया। फिरोज ने बताया कि महिलाओं और बेटियों को पैतृक संपत्ति में मायके और ससुराल दोनों जगह बराबर अधिकार मिलना चाहिए। इसमें कोई दिक्कत नही है।महिला सम्पत्ति अधिकार कानून उचित है
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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रोता से साक्षात्कार लिया। श्रोता ने बताया कि महिलाओं और बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। इसमें कोई दिक्कत नही है।सरकार द्वारा बनाया गया भूमि कानून सही और जरुरी है।
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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मुरारीलाल से साक्षात्कार लिया। मुरारीलाल ने बताया कि महिलाओं और बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। इसमें कोई दिक्कत नही है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशाल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से नन्द कुमार से साक्षात्कार लिया। नन्द कुमार ने बताया कि महिलाओं और बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। इसमें कोई दिक्कत नही है।
उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के ज्ञानपुर प्रखंड से गोविन्द प्रसाद की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से बबलू कुमार से हुई। बबलू कहते है कि गाँव में कोई काम नहीं मिला इसलिए प्रवास कर के काम कर रहे है। पहले घर में ही रोज़गार करने का सोचे थे लेकिन पूंजी नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं कर पाए। इन्हे रोज़गार प्रशिक्षण और सरकारी लोन प्राप्त करने की जानकारी दी गई।
